याद करकै तन्नैं ठंडी सांस भरते होंगे कई ,
पर हर सांस मैं याद तन्नै करै है कोई ,
मरणा तै सबनै एक दन है या बात पक्की है ,
पर तेरी याद मैं हर पल मरै है कोई …
मानती हो तो मानजा इसतै उपर शायरी पेलणी मेरे बस की नाहै
Related Posts
इक याद पुरानी आई फिर … माँ कहती थी रोटी खाले वरना कउआ ले भागेगा थोड़ी सी चिड़िया को देना Continue Reading..
लुड्डो खेलदे होए जीत्तण खात्तर गोटी दो खाने आगे सरका दिया करदा … पकड़या बी जाए करदा , पर मानया Continue Reading..