Sort By: Default (Newest First) |Comments
Hindi Shayari Status

yakeen

यकीन जब कभी खुद टूटने लगता है
साथ मेरा ही मुझसे फिर छूटने लगता है
हद से ज्यादा तकलीफ होती है तब
जब अंदर ही अंदर ज़ख्म फूटने लगता है
बहुत रोता है ये दिल चीख चीख कर
कोई अपना मेरा जब मुझे लूटने लगता है
कुछ इस तरह टूटने लगा हूँ मैं आजकल
जैसे शीशा कोई खुद ब खुद टूटने लगता है ।

2


Leave a comment
Hindi Shayari Status

badal ke

मेरे साँचे में ढल के देख कभी।
तू भी थोड़ा पिघल के देख कभी।

जाति-मज़हब के तंग घेरे से,
यार बाहर निकल के देख कभी।

इस जलन में भी है मज़ा कितना,
तू पतिंगे सा जल के देख कभी।

क्या बतायें की राह कैसी है,
साथ कुछ दूर चलके देख कभी।

तेरी ग़ज़लें भी लोकप्रिय होंगी,
इनके तेवर बदल के देख कभी।

2


Leave a comment
Hindi Shayari Status

raza

सुनो-जान, लोगो ने हमसे पूछा तेरी रजा क्या है?
क्यों करते हो इतनी मुहब्बत वजह क्या है?
कैसे बताऊ उनको मेरी खता क्या है ?
जो वजह से करे मुहब्बत उसमे मजा क्या है….?

1


Leave a comment
Hindi Shayari Status

nasha

*सादे लफ्ज़,*
*कहाँ इतना असर करते है…*
*अब ये ना सोचना की हम शायर,*
*कोई नशा करते है……..




Leave a comment
Hindi Shayari Status

shuruat

अभी तो रात बाकी है,
मेरे दिल की बात बाकी है,
जो मेरे दिल में छुपी है,
वो ज़ज्बात बाकी है,
जल्दी से सो जाना दोस्त,
आप की नींद बाकी है,
सुबह मिलते है,
कल की शुरुवात बाकी है…

2


Leave a comment
Hindi Shayari Status

khush raho

छोटी सी जिंदगी है, हर बात में खुश रहो।
जो पास में ना हो, उनकी आवाज़ में खुश रहो।
कोई रूठा हो तुमसे, उसके इस अंदाज़ में खुश रहो।
जो लौट के नही आने वाले है, उन लम्हो कि याद में खुश रहो।
कल किसने देखा है, अपने आज में खुश रहो।
खुशियों का इन्तेजार किसलिए, दुसरो कि मुस्कान में खुश रहो।
क्यूँ तड़पते हो हर पल किसी के साथ को , कभी तो अपने आप में खुश रहो।
छोटी सी जिंदगी है, हर हाल में खुश रहो।




Leave a comment
Hindi Shayari Status

kis tarah

मत पूछ ज़िंदगी ये बिताई है किस तरह
हर आह मैंने दिल में दबाई है किस तरह

तुम तो दिया जला के मुहब्बत का चल दिये
लौ ख़ूने दिल से हमने बढ़ाई है किस तरह

टूटा जो दिल तो ख़्वाब महल चूर हो गये
सच्चाई मेरे सामने आई है किस तरह

निकला मेरी वफ़ा का ज़नाज़ा कहूँ मैं क्या
काँधे पे अपने लाश उठाई है किस तरह

उठता है दिल के शहर में अब भी कहीं धुआँ
हाथों से अपनी दुनियां जलाई है किस तरह

फैले हमारे इश्क के चर्चे गली गली
यह बात दोस्तों ने उड़ाई है किस तरह

हाथ जब भी दुआ के लिये उठे
तब बेवफा की याद भी आई है किस तरह

2


Leave a comment