सोया रहा नसीब एक अरसे तक, जागने पर जरूरत सी खत्म हो गई अब
मोहब्बत😍 सब्र के अलावा कुछ भी तो नहीं है शायद,,,,,😓😓 मैंने हर इश्क़ज़ादे 🙇को सिर्फ इंतज़ार करते देखा है
कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते, रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते.
नहीं मिलेगा तुझे कोई हम सा, जा इजाजत है ज़माना आजमा ले.
मेरी आँखों में मत ढूंढा करो खुद को पता है ना.. दिल में रहते हो खुदा की तरह
ना पीछे मुड़ के देखो, ना आवाज़ दो मुझको, बड़ी मुश्किल से सीखा है मैंने अलविदा कहना..
“तू अगर मुझे नवाजे तो तेरा करम है मेरे मालिक, वरना तेरी रहमतो के काबिल मेरी बंदगी नही.”
आज मेरे लफ्जों की तबियत ठीक नहीं.. आज आप अपने पसंद की कोई शायरी ही सुना दो
जब सुकून नही मिलता दिखावे की बस्ती में… तब खो जाता हूँ मेरे महाकाल की मस्ती में…
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