सोया रहा नसीब एक अरसे तक, जागने पर जरूरत सी खत्म हो गई अब
सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था, वो मेरी जान चाहती थी और मैं जान से ज्यादा उसे
Badal jate hai Wo Log bhi Waqat ki trah… Jinhe Hum Hadd se Jyada Waqat dete hai…!!
लब ये कहते हैं कि चलो अब मुस्कुराया जाये, सोचती हैं आखे, दिल से दगा कैसे किया जाये?
Muhabbat hai l nafrat hai kOi itna tO smjhay .. Kabhi main dil se larti hu ,kabhi dil mujh se Continue Reading..
जी रहे है तेरी शर्तो के मुताबिक़ ए जिंदगी, दौर आएगा कभी, हमारी फरमाइशो का भी….!!
काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता, बात करना ना सही, देखना तो नसीब होता
ना किया करो कभी किसी से दिल दुखाने वाली बात… सुना है दिल पे निशाँ रह जाते हैं सदियो तक.
तुम रख ना सकोगे मेरा तोहफा सभालकर वरना मै तुमको अभी दे दु अपने जिस्म से रूह निकाल कर
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