पीता है यंहा आदमी ही आदमी का खून …
देखा ना गया मुझसे और मैं पीने लग गया ,
तुम जिंदगी गंवाते देख ऊंचे महलो को ,
मैने झौंपड़ी को देखा और जीने लग गया ,
अंदाज अपना अपना


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