एक जाट की छोरी के ब्याह मैं फेरे
होण लाग रे
थे |
पण्डितआँख मींच क मंतर पढ़ क
बोल्या “ॐ गन गणपते नमह |
51 रुपे दक्षिणा समर्पियामी ”
नु कह क जाट त बोल्या धर 51 रुपे
गणेश जी प
| जाट ने 51 रुपे धर दिए |
फेर आँख मीच क और मन्त्र पढ़न लगगया |
थोड़ी हान पाछे फेर बोल्या “ॐ गन
गणपते
नमह |
101 रुपे दक्षिणा समर्पियामी ”
धरो 101 रुपे गणेश
जी प |
जाट ने 101 रुपे धर दिए | फेर आँख
मीच क और
मन्त्र पढ़न लगगया |
थोड़ी हान पाछे फेर बोल्या “ॐ गन गणपते
नमह |
151 रुपे दक्षिणा समर्पियामी ”
धरो 151 रुपे
गणेश
जी प | जाट ने 151 रुपे फेर धर दिए |
पण्डित आँख मीच क और मन्त्र पढ़न
लगगया | जाट नै सोची भी पंडित
त
कत्ती लूट क छोड़े गा |
इब के ने जाट ने गणेश जी की मूर्ति ठा क जेब में
रख
ली |
पंडित फेर बोल्या “ॐ गन गणपते
नमह |
201 रुपे दक्षिणा समर्पियामी ” धरो 201 रुपे
गणेश जी प अर
आँख
खोल क
देख्या; त गणेश जी गायब थे | पंडित
बोल्या –
चोधरी साहब ये गणेश जी कित गए
| जाट बोल्या – पंडित जी देश मे और
भी त ब्याह
सं
एकला मेरी बेटी काये थोडा स |
हो सके स किसे और के फेरां प चले
गए हों.
भीड़ ते खचा खच भरी होई मैट्रो,
मैं आराम तै खड्या जबे राजीव चौक पै,
दरवाजा सज्जे हाथ ने खुला अर मेरा
ध्यान दरवाजा की तरफ गया
एक 5’7 लांबी छोरी , पिला सूट मड़कन आली जुत्ती ,
आँख्या में शयाई घाल ली, सर पै चुन्नी अर
जब वा चाले तो हवा जब उसके काना धौरे
को गुजरे तो हवा मैं उड़ते उसके बाल ,
नाक में एक छोटा सा कोका, चहरे की एक
साइड उसके डिंपल पड़े अर ठोड़ी आला तिल
उसके गुल्लक से मुह की सुंदरता में 4 चाँद लागण लाग रह्या, अर बेरण जमा टिकाई तै पैर धरदी
होइ आवे अर मैं अपनी दिल की धड़कण
रोक के उसकी तरफ देखण लाग रह्या ,
वा मेरी तरफ़ आगे बढ़ी और भोली सी सकल बनाके
मेरी आँख्या में देख के अपना डिंपल
दिखा के एक घणी प्यारी मुस्कान देके बोली
” आप तो एडमिन हो ना” 😍😍
मेरा साँस ऊपर की ऊपर रह गया
मखा कोये छोरी हमने भी जाणे है 😊
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अरे भाई रेस मारण चलेगा के ?
बेरा नी मैरी सासू का कोणसा था
सारा सपना की इसी तीसी कर गया 😕😑
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चलो कोई नहीँ
तडके तड़क की राम राम सबने
आज पत्नी गैल्यां झगड़ा चल रया था … आधे घन्टे बाद सारे घरआले कट्ठे होगे … फेर उसनै रोणा शुरू कर दिया …
अर डकवर्थ लुइस के नियम के हिसाब तै वा विजेता घोषित कर दी गई … 😬😬
छोरी की कौई गल्ती नाहै भाई , देखिए क्युकर रोण लागरी बचारी .
दिल्ली मैं कुछ पटाखा समर्थक स्वंयसेवक संघों नै सुप्रीम कोर्ट की रोक का एक तोड़ काड्या है …
उन्होनै फैसला करया है अक दिवाली के दिन सारे दिल्ली ऐन सी आर आल्यां तै पेट भर कै मूली के परांठे तीन तीन गलास लास्सी अर चार चार हाजमोला की गोली फरी दी जावैगी …
आजो कोर्ट साब रोक ल्यो धमाके अर कर ल्यो पोल्युशन कंट्रोल …
क्या आप जानते हैं … ?
कई मछलियां अंडे नही बच्चे देती हैं …
हाथी ढलान की तरफ तेज नही दौड़ सकता …
आप अपनी जीभ नीचे के दांतो से टच करके गर्लफ्रैंड नही बोल सकते …
बंदर कभी भी अप ……………. तूं गर्लफ्रैंड बोल ले प्हल्यां मैं तो ज्ञान बाद मैं बी दे ल्यूंगा
एक चिड़ियाघर में
एक तोते के पिंजरे के बाहर लिखा था
English, हिंदी और Haryanvi बोलने वाला तोता
एक आदमी ने इस बात को टेस्ट करने के लिए तोते से पहले ENGLISH में पूछा —
हू आर यू ?
तोता — आई ऍम पैरेट
आदमी (हिंदी में) — तुम कौन हो?
तोता — मैं एक तोता हूँ
आदमी (इस बार Haryanvi में)– तूं कूण स रै
तोता — मैं तेरा फुफा…
दो बार बता लीया समझ ना आता के…