बालकपण मैं अपणे खिलौणे तेरे घरां भूल आया करदा जो तन्नै पसंद आए करदे …
स्कूल मैं तेरा बी बस्ता तेरे घर तक ठाकै ल्याए करदा …
कालेज मैं तेरी हर प्रोजैक्ट मैं दिन रात एक कर दिया करदा …
नौकरी ना करी खेती करण लाग ग्या अक तेरे तै दूर ना जांऊ …
तन्नै तो बैरण बी ना कैह सकदा बैरण … छौड़ तो गई … पर एकबै तो कैह देंदी अक वा सब मेरा पागलपण था … अर वा प्यार ना प्यार के नाम पै गुलामी थी .
मेरे तै कार मैं किडनैप कर लिआ …
उनकी कोई बात सुणन तै प्हल्यां ए मैं बोल्या … Thanks भाइयो बचपन तै सपना था कार मैं बैठण का आज आपनै पूरा करया … 😊😊😊
सालेयां नै कार सैड मैं रोक कै मैं ठाकै बाहर गेर दिया
घणे बेकार लिकड़े यार … मेरे तै कैंदे मैं अपणे आप ना उतर जांदा … औच्छे बदमास हुंह .
फोन मैं एक वाएरस साफ करण की ऐप थी उसपै दिन मैं दसियां मैसेज आए करते अक फोन हैंग होण तै बचाण तंइ फालतू ऐप डीलीट करो …
मन्नै वा ऐप ए डीलीट मार दी सुसरी … ईब ना हैंग होता फोन
हरयाणे का एक गिट्ठा सा छोरा दिल्ली बस मैं जा था भीड़ घणी थी खड़े नै धक्के लागैं थे उपर सहारे आले डंडे तंइ उसका हाथ ना पौंच्या … एक लाम्बा सा माणस खड़या था उसकी दाड्ढी पकड़ कै खड़या हो ग्या अराम तै …
उस बंदे नै सोच्ची गल्ती तै पकड़ रया है बोल्या :- जनाब आप मेरी दाढ़ी पकड़े खड़े हैं इसे छोड़ दीजिए …
म्हारे आला गिठ मुठिया बोल्या :- क्यों उतरणा है के
गाजर का हलवा बनाने के लिए महिलाएँ 1200 रू/किलो काजू
800 रू/किलो बादाम और ड्राई फ्रूट और 700 रुपये किलो देसी घी सब खरीद लेंगी.
लेकिन गाजर जब तक दस रूपये की डेढ़ किलो ना हो जाये
तब तक हलवा बनाने का प्रोग्राम पेंडिंग ही रखती हैं
हरियाणा का ताऊ ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करै था। टी टी इ आग्या।
TTE : ताऊ टिकट दिखा।
ताऊ: टिकट तो ना है।
TTE : क्यों नही है….? 🤨🤨
ताऊ: मन्नै टिकट खरीदी ए कोन्या।
TTE : क्यों ना खरीदी ताऊ..?
ताऊ : बस ना खरीदी भाई।
TTE : तनै डर न्ही लाग्या..? कोए पकड़ लेगा तै जरमान्ना हो ज्यागा।
ताऊ: भाई मन्नै सोच्ची अक कोए खानदान्नी TTE होगा तै छोड़ देगा अर कोई घटीया, उल्लू का पट्ठा, गधे का बच्चा, जिसकी लुगाई भी पड़ोसियां पै लैन मारती हो, कोए इसा कुत्ता होगा त जरमान्ना कर लेगा। और के…
इब तू अपणा हिसाब ला ले भाई।
TTE: जा ताऊ काच्चे काट, खिड़की कान्है बैठ ज्या, हवा लाग्गे जागी।
म्हारी म्हैस नै तीन दन होगे , रोज सांज नै बोलै अक आज रात ब्याउंगी … सारी रात उसके सिराहणे बैठे रवां दो तीन जणे कम्बल सोड़ औढ़ कै … अर तड़की फेर दांदरे काड्ढ कै दिखा दे है … अक इबी मूढ नाहै … 😬😬
हद ऐ यार मतबल … डांगर बी जाड्डे मैं सुआद लेरे हैं …