खुदखुशी करने से मुझे कोई
परहेज नही है पगली
बस शर्त ईतनी है कि फंदा
तेरी जुल्फों का हो
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खुदखुशी करने से मुझे कोई
परहेज नही है पगली
बस शर्त ईतनी है कि फंदा
तेरी जुल्फों का हो
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झूठ कहूँ तो लफ़्ज़ों का दम घुटता है,
सच कहूँ तो लोग खफा हो जाते हैं..
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Mahobaat agar chehra dekh kar hoti ,
to yakeen mano tumhse na hoti
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🤣कल रात की ही तो बात है।
गुप्ता जी को जरा ज्यादा 🥃 लग गयी और अपने दोस्त के सामने इमोशनल हो के रोने लगे।
दोस्त, क्या हुआ बे, चढ़ गई…?
🙄
गुप्ता जी: यार मेने अपनी बीबी को बड़े धोख़े दिये हैं। मैं बहुत खराब हूँ।
दोस्त : तो मेरे सामने रोने से क्या फायदा, घर जाके भाभी से माफ़ी मांग ले ना।
😉
गुप्ता जी दोस्त की बात मान कर घर गये…
गुप्ता जी: 😗 सुनो मैने तुम्हे धोखा दिया है पर आगे से ऐसा नही करूँगा।
🙄
भाभी जी: एक शर्त पर माफ़ करुँगी पहले उस कलमुँही का नाम बताओ।
😉
गुप्ता जी: नहीं नाम नहीं बता सकता।
भाभी जी: जरूर वह पिछली गली की सविता होगी बड़ी चालू है….
😉
गुप्ता जी: नही वो नहीं है।
भाभी जी: तो जरूर आगे मोड़ वाली रजनी होगी… उसके बड़े चर्चे है मोहल्ले में…
😉
गुप्ता जी: नहीं।
भाभी जी: ओह तो वो आगे चौराहे वाली सलोनी ही होगी… अभी कल ही पता चला है कई लोगों का आना जाना है उसके यहाँ….
😉
गुप्ता जी: मैं नहीं बता सकता।
भाभी जी: तो जाओ माफ़ी भी नहीं मिलेगी।
🙄गुप्ता जी जब दूसरे दिन दोस्त के पास गए तो दोस्त पूछा: मिल गयी माफ़ी ?
🙄
गुप्ता जी: माफ़ी तो नहीं मिली पर
*तीन नई जगह* पता चली है
😁😁😁😁😁😁
Men will be Men
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कभी उनकी भी कदर करके देखो…
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जो तुमसे बिना मतलब के प्यार करते हैं..
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बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। एक शिष्य ने पूछा- “कर्म क्या है?”
बुद्ध ने कहा- “मैं तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ।”
एक राजा हाथी पर बैठकर अपने राज्य का भ्रमण कर रहा था।अचानक वह एक दुकान के सामने रुका और अपने मंत्री से कहा- “मुझे नहीं पता क्यों, पर मैं इस दुकान के स्वामी को फाँसी देना चाहता हूँ।”
यह सुनकर मंत्री को बहुत दु:ख हुआ। लेकिन जब तक वह राजा से कोई कारण पूछता, तब तक राजा आगे बढ़ गया।
अगले दिन, मंत्री उस दुकानदार से मिलने के लिए एक साधारण नागरिक के वेष में उसकी दुकान पर पहुँचा। उसने दुकानदार से ऐसे ही पूछ लिया कि उसका व्यापार कैसा चल रहा है? दुकानदार चंदन की लकड़ी बेचता था। उसने बहुत दुखी होकर बताया कि मुश्किल से ही उसे कोई ग्राहक मिलता है। लोग उसकी दुकान पर आते हैं, चंदन को सूँघते हैं और चले जाते हैं। वे चंदन कि गुणवत्ता की प्रशंसा भी करते हैं, पर ख़रीदते कुछ नहीं। अब उसकी आशा केवल इस बात पर टिकी है कि राजा जल्दी ही मर जाएगा। उसकी अन्त्येष्टि के लिए बड़ी मात्रा में चंदन की लकड़ी खरीदी जाएगी। वह आसपास अकेला चंदन की लकड़ी का दुकानदार था, इसलिए उसे पक्का विश्वास था कि राजा के मरने पर उसके दिन बदलेंगे।
अब मंत्री की समझ में आ गया कि राजा उसकी दुकान के सामने क्यों रुका था और क्यों दुकानदार को मार डालने की इच्छा व्यक्त की थी। शायद दुकानदार के नकारात्मक विचारों की तरंगों ने राजा पर वैसा प्रभाव डाला था, जिसने उसके बदले में दुकानदार के प्रति अपने अन्दर उसी तरह के नकारात्मक विचारों का अनुभव किया था।
बुद्धिमान मंत्री ने इस विषय पर कुछ क्षण तक विचार किया। फिर उसने अपनी पहचान और पिछले दिन की घटना बताये बिना कुछ चन्दन की लकड़ी ख़रीदने की इच्छा व्यक्त की। दुकानदार बहुत खुश हुआ। उसने चंदन को अच्छी तरह कागज में लपेटकर मंत्री को दे दिया।
जब मंत्री महल में लौटा तो वह सीधा दरबार में गया जहाँ राजा बैठा हुआ था और सूचना दी कि चंदन की लकड़ी के दुकानदार ने उसे एक भेंट भेजी है। राजा को आश्चर्य हुआ। जब उसने बंडल को खोला तो उसमें सुनहरे रंग के श्रेष्ठ चंदन की लकड़ी और उसकी सुगंध को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। प्रसन्न होकर उसने चंदन के व्यापारी के लिए कुछ सोने के सिक्के भिजवा दिये। राजा को यह सोचकर अपने हृदय में बहुत खेद हुआ कि उसे दुकानदार को मारने का अवांछित विचार आया था।
जब दुकानदार को राजा से सोने के सिक्के प्राप्त हुए, तो वह भी आश्चर्यचकित हो गया। वह राजा के गुण गाने लगा जिसने सोने के सिक्के भेजकर उसे ग़रीबी के अभिशाप से बचा लिया था। कुछ समय बाद उसे अपने उन कलुषित विचारों की याद आयी जो वह राजा के प्रति सोचा करता था। उसे अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए ऐसे नकारात्मक विचार करने पर बहुत पश्चात्ताप हुआ।
यदि हम दूसरे व्यक्तियों के प्रति अच्छे और दयालु विचार रखेंगे, तो वे सकारात्मक विचार हमारे पास अनुकूल रूप में ही लौटेंगे। लेकिन यदि हम बुरे विचारों को पालेंगे, तो वे विचार हमारे पास उसी रूप में लौटेंगे।
यह कहानी सुनाकर बुद्ध ने पूछा- “कर्म क्या है?” अनेक शिष्यों ने उत्तर दिया- “हमारे शब्द, हमारे कार्य, हमारी भावनायें, हमारी गतिविधियाँ…”
बुद्ध ने सिर हिलाया और कहा- *”तुम्हारे विचार ही तुम्हारे कर्म हैं।”*
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कहते हैं खूबसूरत चीज़ देखने से इन्सान और ज़्यादा ख़ुबसूरत हो जाता है,
तो
तुम्हारे पास मेरी तस्वीर है या……भेजू ??
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सुना है ड्राईवर-लेस गाड़ी आ रही है…
और भारतीय पब्लिक इस बात से परेशान है की एक्सीडेंट होने पर हम कूटेंगें किसको.
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पप्पू खूबसूरत औरत से – मैडम यहां तैरना मना है।
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खूबसूरत औरत गुस्से में – बेवकूफ जब मैं कपड़े उतार रही थी तब तो किसी ने नहीं बताया।😡😡😡
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पप्पू शर्माते हुए – मैडम
तैरना मना है… कपडे उतारना
थोड़ी मना है!!
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वैलेंटाइन डे के 7 दिन पहले एक गिफ्ट शॉप पर वकील साहब गए ।
उन्होंने 40 खूबसूरत कार्ड ख़रीदे और सब पर उन्होंने भेजने वाले की जगह लिखा –
“हैल्लो जान !! पहचान गए ना ? शाम को मिलो, “आई लव यू ”।
दुकानदार ने पूछा: ये क्या मामला है ?
तो वकील साहब ने बताया – पिछले वैलेंटाइन डे पर आस पास की कालोनी में ऐसे ही 20 कार्ड भेजे थे। कुछ ही दिन में तलाक के चार केस मिल गए थे ।
इस बार 40 कार्ड भेज रहा हूँ।
धन्धे में सब जायज है।
क्यूँकि माँ कहती थी
“कोई भी धंधा छोटा नहीं होता
और धंधे से बड़ा कोई धर्म नहीं होता ”
दुकानदार बेहोश
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4 sardar train ke piche bhag rahe the.
2 sardar train me chad gaye
2 rah gaye.
train yatriyo ne unhe welldone kaha to dono
sardar-khak welldon jana to unhe tha hum to chodne aaye the.
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TL
G1: Had to fire an employee today 🙁
G2: Corporate world is not for everyone
DM
G2: Naukri mil gayi Didi??
G1: Nahi, maid ko nikaala yar
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क्या आप जानते हैं ? दिमाग शरीर का सबसे मुख्य भाग होता है। यह चौबीसों घण्टे बिना रुके काम करता रहता है। यह जन्म से काम चालू करता है और तब तक करता रहता है जब तक कि…. …. शादी नही हो जाती।
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एक मारवाड़ी ने लाटरी जीती,
पंडित ने कहा कुछ भगवान् को
भी दो …
मारवाड़ी ने सारे रूपये हवा में उडाये और कहा “भगवान् तुझे जितने
चाहिए रख ले, जो निचे गिरेंगे
वो मेरे…
जय हो😄
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हम गुम थे एक खयाल में इस कदर
खुद को ढूंढने का वक्त ही नहीं मिला
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*मामू मामू कहकर के मुझसे लिपट गए वो बच्चे…*✋🏻😎
*जिनकी माँ कभी जानू जानू कह के लिपटा करती थी:-*✌🏻😍
दास्तान ए दर्द आफ बर्बाद आशिक
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