झूठ कहूँ तो लफ़्ज़ों का दम घुटता है, सच कहूँ तो लोग खफा हो जाते हैं..
मुझे नफरत पंसद है मगर, दिखावे का प्यार नही!!
जिन्दा रहो जब तक, लोग कमियां ही निकालते हैं, मरने के बाद जाने कहाँ से इतनी अच्छाइयां ढूंढ लाते हैं Continue Reading..
Saraha hai hmne tujhe apni sarakho pe; Manga hai hmne tujhe apni hr dUa o mein*………
यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे तेरे आज से, मगर कभी – कभी बिता हुआ कल याद आता है..
कौन है इस जहाँ मे जिसे धोखा नहीं मिला, शायद वही है ईमानदार जिसे मौक़ा नहीं मिला
-Koii Toh Aiisa Ho Jo Siirf Mera Ho .. ‘
Apni yaadon se kaho ek din ki chutti de mujhe… Ishq ke hisse mein bhi itwaar hona chahiye..
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएँगे, कैसे भरेगी वो जगह जहां तेरी कमी होगी !!
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