हम गुम थे एक खयाल में इस कदर खुद को ढूंढने का वक्त ही नहीं मिला
Fakar ye h ki tum mere ho!! Fikar ye hai pta nhi kab tak!!
नही थी मेरे हाथों में उसे पाने की लकीर चीर दिया पूरा हाथ एक लकीर बनाने के लिए
अपने होंठो को मेरे होंठो से लगा दो, कोई शिकायत होगी भी तो कह नहीं पाउँगा..!!
तलब करे तो मैं अपनी आँखें भी उन्हें देदू, मगर ये लोग मेरी आँखों के ख्वाब मांगते हैं.
दिल टूटा है मेरा और ख्वाब बिखर गये, दर्द मिला इश्क मे इतना कि जख्मो से हम निखर गये
~Bohat Bheer Thi Uss K Dil Main Jnaab .. Hum Khud Na Nikalty To Nikal Diye Jatey ..^
समजने समजाने मे ही गुजर गई तू,😓 ए जिन्दगी तूजे एकबार भी जी न पाए हम.
उसके चले जाने के बाद हम महोबत नहीं करते किसी से, छोटी सी जिन्दगी है किस किस को अजमाते रहेंगे|
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