मेरा दिल मुझसे कहता है,,,
वो वापस आएगी,,,
मैं दिल से कहता हूँ,,
उसने तुझे भी झूठ बोलना सिखा दिया
Loading views...
मेरा दिल मुझसे कहता है,,,
वो वापस आएगी,,,
मैं दिल से कहता हूँ,,
उसने तुझे भी झूठ बोलना सिखा दिया
Loading views...
Me-प्रिया मैं तुम्हारे बिना नही रह सकता☹
She-पर मैं तो नेहा हूँ
Ohh… नेहा मैं तुम्हारे बिना भी नही रह सकता
Loading views...
बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। एक शिष्य ने पूछा- “कर्म क्या है?”
बुद्ध ने कहा- “मैं तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ।”
एक राजा हाथी पर बैठकर अपने राज्य का भ्रमण कर रहा था।अचानक वह एक दुकान के सामने रुका और अपने मंत्री से कहा- “मुझे नहीं पता क्यों, पर मैं इस दुकान के स्वामी को फाँसी देना चाहता हूँ।”
यह सुनकर मंत्री को बहुत दु:ख हुआ। लेकिन जब तक वह राजा से कोई कारण पूछता, तब तक राजा आगे बढ़ गया।
अगले दिन, मंत्री उस दुकानदार से मिलने के लिए एक साधारण नागरिक के वेष में उसकी दुकान पर पहुँचा। उसने दुकानदार से ऐसे ही पूछ लिया कि उसका व्यापार कैसा चल रहा है? दुकानदार चंदन की लकड़ी बेचता था। उसने बहुत दुखी होकर बताया कि मुश्किल से ही उसे कोई ग्राहक मिलता है। लोग उसकी दुकान पर आते हैं, चंदन को सूँघते हैं और चले जाते हैं। वे चंदन कि गुणवत्ता की प्रशंसा भी करते हैं, पर ख़रीदते कुछ नहीं। अब उसकी आशा केवल इस बात पर टिकी है कि राजा जल्दी ही मर जाएगा। उसकी अन्त्येष्टि के लिए बड़ी मात्रा में चंदन की लकड़ी खरीदी जाएगी। वह आसपास अकेला चंदन की लकड़ी का दुकानदार था, इसलिए उसे पक्का विश्वास था कि राजा के मरने पर उसके दिन बदलेंगे।
अब मंत्री की समझ में आ गया कि राजा उसकी दुकान के सामने क्यों रुका था और क्यों दुकानदार को मार डालने की इच्छा व्यक्त की थी। शायद दुकानदार के नकारात्मक विचारों की तरंगों ने राजा पर वैसा प्रभाव डाला था, जिसने उसके बदले में दुकानदार के प्रति अपने अन्दर उसी तरह के नकारात्मक विचारों का अनुभव किया था।
बुद्धिमान मंत्री ने इस विषय पर कुछ क्षण तक विचार किया। फिर उसने अपनी पहचान और पिछले दिन की घटना बताये बिना कुछ चन्दन की लकड़ी ख़रीदने की इच्छा व्यक्त की। दुकानदार बहुत खुश हुआ। उसने चंदन को अच्छी तरह कागज में लपेटकर मंत्री को दे दिया।
जब मंत्री महल में लौटा तो वह सीधा दरबार में गया जहाँ राजा बैठा हुआ था और सूचना दी कि चंदन की लकड़ी के दुकानदार ने उसे एक भेंट भेजी है। राजा को आश्चर्य हुआ। जब उसने बंडल को खोला तो उसमें सुनहरे रंग के श्रेष्ठ चंदन की लकड़ी और उसकी सुगंध को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। प्रसन्न होकर उसने चंदन के व्यापारी के लिए कुछ सोने के सिक्के भिजवा दिये। राजा को यह सोचकर अपने हृदय में बहुत खेद हुआ कि उसे दुकानदार को मारने का अवांछित विचार आया था।
जब दुकानदार को राजा से सोने के सिक्के प्राप्त हुए, तो वह भी आश्चर्यचकित हो गया। वह राजा के गुण गाने लगा जिसने सोने के सिक्के भेजकर उसे ग़रीबी के अभिशाप से बचा लिया था। कुछ समय बाद उसे अपने उन कलुषित विचारों की याद आयी जो वह राजा के प्रति सोचा करता था। उसे अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए ऐसे नकारात्मक विचार करने पर बहुत पश्चात्ताप हुआ।
यदि हम दूसरे व्यक्तियों के प्रति अच्छे और दयालु विचार रखेंगे, तो वे सकारात्मक विचार हमारे पास अनुकूल रूप में ही लौटेंगे। लेकिन यदि हम बुरे विचारों को पालेंगे, तो वे विचार हमारे पास उसी रूप में लौटेंगे।
यह कहानी सुनाकर बुद्ध ने पूछा- “कर्म क्या है?” अनेक शिष्यों ने उत्तर दिया- “हमारे शब्द, हमारे कार्य, हमारी भावनायें, हमारी गतिविधियाँ…”
बुद्ध ने सिर हिलाया और कहा- *”तुम्हारे विचार ही तुम्हारे कर्म हैं।”*
Loading views...
~Shayad Wafa Ke Khel Se Ukta Geya Tha Woh ..
Manzil Ke Paas Aake Jo Rasta Badal Geya .. ^
Loading views...
Girl : Arey itna bara munh mein kaise daloon gi.
Boy : Jaldi se munh kholo.
Girl : Oops sare kapray geelay ho gaye.
Boy : Aur lo gee.
Girl: NA baba na yeh Gool Gapey tum he kahoo.
Loading views...
एक औरत ने एक तोता 3000/- रुपये में ख़रीदा।
दुकानदार ने बताया कि यह तोता पहले एक ऐसी औरत के पास था जो रैड लाईट इलाक़े में रहती थी। यह मत ख़रीदो बहन जी। लेकिन वह औरत नहीं मानी, क्योंकि उसे वही ख़ूबसूरत तोता पसंद था। वह उसको घर लेकर आ गई।
तोता: वाह वाह नया घर।
उस औरत को अच्छा लगा लेकिन जब उसकी 2 बेटियाँ स्कूल से आई तब,
तोता: वाह वाह नई नई लड़कियाँ।
अब उस औरत को थोड़ी टेन्शन हुई।
मगर जब शाम को उसका पति घर आया तब,
तोता: क्या रे तू इधर भी?
Loading views...
पत्नियों का विकास क्रम 💎
1960 में –
पति :- एक कप चाय..!!
पत्नी – (पहले से… लिए खड़ी मिलती थी)
1970 में –
पति :- एक कप चाय.!!
पत्नी :- अभी लाई जी…
1980 में –
पति :- एक कप चाय..!!
पत्नी :- लाती हूँ..।
1990 में –
पति :- एक कप चाय..!!
पत्नी :- ला रही हूँ , थोड़ा सब्र रखो…
2000 में –
पति :- एक कप चाय..!!
पत्नी :- लाऊँगी अभी..,
सीरियल में… ब्रेक आने दो…
2010 में –
पति :- एक कप चाय..!!
पत्नी :- हल्ला न करो, देती हूँ… नहीं तो खुद ही बना के पी लो…
Now a days – 2018
पति :- एक कप चाय..!!
पत्नी :- क्या कहा…..??
पति :- एक कप चाय बनाने जा रहा था, सोचा तुमसे भी.. पूछ लूँ.., पियोगी क्या..??
Loading views...
सुबह का भेजा,
शाम को वापस
अपने पास आए
.
.
.
.
.
.
.
..
.
.
.
.
उसे
“व्हाट्सएप मैसेज”
कहते हैं
Loading views...
मेरी दुकान के 4 नोकर
*आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले है*
*उनका कहना है की*
*सेठ हमारी बात नही मानता*
*और हमे गल्ले पे बैठने नही देता*
Loading views...
Wo royea zaroor hoga, Khali kagaz dekh kar,
Zindagi kaisi beet rahi hai,Poocha tha jawab mein..
Loading views...
अरमान था तेरे साथ जिंदगी बिताने का,
शिकवा है खुद के खामोश रह जाने का,
दीवानगी इस से बढकर और क्या होगी,
आज भी इंतजार है तेरे आने का.
Loading views...
मेेैं तो शादियों मे इसलिये भी चला जाता हूँ कि
कहीं दूल्हा दहेज के लिये शादी से इनकार कर दे
और लड़की का बाप मुझे बोले
” बेटा मेरी इज़्ज़त रख लो “
Loading views...
परम सत्य ज्ञान…
ये जरूरी तो नहीं कि हर रिश्ता बेवफाई से ही खत्म हो…!
कुछ रिश्ते बीवी के हाथ मोबाइल लग जाने से भी खत्म करने पड़ते हैं…!!! 😌😂😂
Loading views...
आपसे सच्ची मुहब्बत
वही करता है जो आपको
*”मटर और मुंगफली*
*छीलकर दे”*
🤢👇🏿👇🏿👇🏿
बाकी ये तारे वारे
तोडना सब ड्रामे हैं ड्रामे
Loading views...
Santa – yar banta,pahle tumhare ghar ki nokrani thi vahi kapde dhoya karti thi or aj tum kapde dho rhe ho .
.
.
.
.
.
…..
.
.
.
Banta : yar , mene usase shadi kar li
Loading views...
वो झूठी निकली…😏
मैंने उसे फ़ोन कर के पूछा कहां हो..!!
कहने लगी सहेली के साथ…
लेकिन उसकी सहेली तो मेरे साथ थी।
Loading views...