संता अपने खेतों पर गया हुआ था। वहां कुंए की जगत पर बैठे एक मेंढ़क से उसकी बहस हो गई।
मेंढ़क – तुम्हारे पास दिमाग नहीं है ।
संता – है ।
मेंढ़क – नहीं है ।
संता – है ।
मेंढ़क – नहीं है, नहीं है, नहीं है …..
और इतना कहकर मेंढ़क कुंए में कूदगया ।
संता – अरे नहीं है तो नहीं है परइसमें खुदकुशी करने वाली क्या बात थी ……
दंगल मूवी देख के एक बात समझ आयी कि बबिता फोगाट की कोई achievement थी ही नही …
सारी कुश्ती तो गीता फोगाट ही करती थी
और बबिता का काम हर मैच में बैठ के “चाल गित्ता” चिल्लाना होता था !
पत्नी -आप मुझे रानी क्यों बोलते हैं ?
पति – क्योंकि नौकरानी लम्बा शब्द हो जाता है ना .
पत्नी गुस्से से – तुम्हे पता है कि मैं तुम्हे “जान” क्यों बोलती हूँ?
पति – नहीं.. बताओ तो जरा.
पत्नी – “जानवर” लम्बा शब्द हो जाता है इसलिए सिर्फ “जान” बोल देती हूँ.
रात के एक बजे पठान की बेगम बोलती है
सुनिए जी – अलमारी के पीछे कोई चोर छुपा है।
पठान – अगर उसके पास हथियार हुआ तो
बीवी – आप का insurance है पर गहनों का नहीं