में अब वो 😢आँशु बहा रहा हूँ जो मेरी किस्मत 😢में लिखे नही थे
अब इतना भी सादगी का ज़माना नहीं रहा …!! क़े तुम वक़्त गुज़ारो और, हम प्यार समझें,
पत्थर समझ कर हमे मत ठुकराओ कल हम मंदिर मे भी हो सकते है
~Izhar’E-Ishq Me Aiisa Hua Kuch Wo, Dil Ka Haqdaar To Hua Lekin Mera Naa Hua .. ‘
आदत बना ली है….मैंने खुद को तकलीफ देने की, ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो फिर तकलीफ न हो.
-Suna Haii Ishq Ka Shoq Nahii Tumko Magar Barbaad Kmaal Ka Kartey Ho .. ‘
शायद मुझे सुकून तेरे पास ही मिले… मुझको गले लगा बहुत बेक़रार हूँ……..
~Bohat Bheer Thi Uss K Dil Main Jnaab .. Hum Khud Na Nikalty To Nikal Diye Jatey ..^
खुदा कि बंदगी कुछ अधुरी रह गयी, तभी तेरे मेरे बीच ये दूरी रह गयी.
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