मुझको खो दोगे तो पछताओगे बहुत …!
ये आखरी गलती तुम बहुत सोच-समझ कर करना …!!
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मुझको खो दोगे तो पछताओगे बहुत …!
ये आखरी गलती तुम बहुत सोच-समझ कर करना …!!
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तुझपे खर्च करने के लिए बहुत कुछ नहीं है मेरे पास…
थोड़ा वक़्त हैं ..…
थोड़ा मैं हूँ..
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हरीश: तुम्हारी आंख क्यों सूजी हुई है ?
पप्पू: कल मैं अपनी पत्नी के जन्मदिन पर केक लाया था।
हरीश: लेकिन इसका आंख सूजने से क्या संबंध है?
पप्पू: मेरी पत्नी का नाम तपस्या है लेकिन केक वाले बेवकूफ दुकानदार ने लिख दिया “हैप्पी बर्थडे समस्या”!
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चलो छोड़ो ये बहस कि वफ़ा किसने की
और बेवफा कौन है….??
तुम तो ये बताओ कि आज ‘तन्हा’ कौन
है….?
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अब तो इतवार में भी कुछ यूँ हो गयी है मिलावट
छुट्टी तो दिखती है पर सुकून नजर नहीं आता
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Dard dilon ke kam ho jaate…
Main aur Tum agar hum ho jaate
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Wife : मेहमान आ रहे हैं और घर में दाल के सिवाय कुछ
नहीं है.
Husband : जब वे आएं तो kitchen में एक बर्तन गिरा देना, और
जब मैं पूछूं तो कहना कि
कोरमा गिर गया !
फिर दूसरा बर्तन गिराना
और कहना
बिरयानी भी गिर गई !!
फिर मैं कहूंगा चलो दाल ही ले आओ.. 😎
मेहमानों के आने के बाद बर्तन गिरने की आवाज़ आई,
.
.
Husband : क्या हुआ ??
.
.
.
Wife :दाल ही गिर गई !!
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Wafa ka naam na lo yaro,
Wafa dil ko dukahati hai,
Jab bhi Wafa ka naam lete hai,
Hume ek bewafa ki yaad Aati hai.
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एक बार एक लड़की ने अपने टीचर के सामने अपनी स्कर्ट उतार कर कहा सर मैं पास होने के लिए कुछ भी कर सकती हूं
टीचर – कुछ भी ?
लड़की – हा
टीचर – तो पढाई कर लो बेटी
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सास : “कितनी बार कहा है…
बाहर जाओ तो बिन्दी लगाकर जाया करो…
“आधुनिक बहू…
“पर जीन्स पर बिन्दी कौन लगाता है…??
सास : “तो मैंने कब कहा जीन्स पर लगा…??
माथे पर लगा चुड़ैल…!!
माथे पर…”
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इस बार की गर्मी की तो हद ही हो गई जब मरीज़ ने कहा
डॉक्टर साहब, फ्रीज में रखी हुई सुई लगाओ. एकदम चील्ड
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वो बड़े ताज्जुब से पूछ बैठा मेरे गम की वजह..
फिर हल्का सा मुस्कराया, और कहा, मोहब्बत की थी ना… ??
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मेरी Style और मेरा Attitude,,
अक्का India में Famous हैं,
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बिछड़ों को मिलाते मिलाते न जाने किसकी नज़र लग गयी,
की आज हमें मिलाने वाला कोई नहीं है।
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तुम्हे पहली बार मैंने तब नोटिस किया था,
जब किसी शाम तुम एक सब्ज़ी वाले से झगड़ा कर रही थी।
उसे डांटते वक़्त तुम्हारी आवाज़ इतनी तेज़ थी
कि मुझे मेरे कमरे तक सब सुनाई दे रहा था।
जब मैं बालकनी में आया तो तुम्हारा गुस्से से लाल चेहरा
देख हाथ बाँध कर आनंद लेने लगा।
दाँत पीस कर जिस
तरह तुम उस सब्जी वाले से उलझी थी,
मैं तो वही देख कर बिछ गया था।
तुम्हारे घर से अक्सर पुराने गीत की मधुर ध्वनियाँ मेरे
कमरे तक सुनाई देती है।
“माँग के साथ तुम्हारा मैंने..,
ढल गया दिन..,
मेरे साजन..”
मतलब गज़ब प्लेलिस्ट है तुम्हारी,
हू-ब-हू मेरी प्लेलिस्ट की तरह। बस मैं किशोर को थोड़ा ज़्यादा prefer करता हूँ।
थोड़ा स्पष्ट सुनने के लिए अब मैं बालकनी में आ गया
था।
तुम चाय का कप लिए नीचे खेल रहे बच्चों को देख रही थी।
शायद तुम इस बात से बेफिकर थी कि मैं
बगल खड़ा तुम्हें देख रहा था।
या यूँ कहूँ कि घूर रहा था।
तुम एकदम से मेरी ओर मुड़ी
और मैंने भी कितनी
स्फूर्ति से अपनी आँखों को तुमसे हटाकर दूसरी तरफ
देखने का नाटक किया।
शायद ये सही मौका नहीं था बात करने का।
या शायद इससे अच्छा मौका न मिलता।
एक आदर्श मोहल्लावासी होने के नाते मैंने अपनी
मौजूदगी दर्ज करानी चाही ही थी कि तुम्हारी माता जी ने तुम्हे आवाज़ लगा दी।
और तुम अंदर चली गयी।
इसके बाद कभी कोई ठीक ठाक मौका
ही नहीं मिला तुमसे मुखातिब होने का।
फिर एक दिन मैं छत पर लैपटॉप लिए बैठे जाने क्या
कर रहा था,
कि तुम भी एक हाथ में बाल्टी, दुसरे में चिमटियां थामे छत पर आ गयी।
और एक-एक करके
कपड़े फैलाने लगीं तारों पर।
जितनी बार तुम कपड़े
तारों पर डालने से पहले उन्हें झटकती,
उतनी बार तुम्हारी चूड़ियाँ झनझना उठती थी।
उसका शोर पूरी छत पर गूँजता रहा था।
एकदम हाय-हुक-हाय-
हाय वाले गाने की फीलिंग आ रही थी।
तभी मेरी फोन की घंटी बजी
और तुमने देखा की मैं भी वहाँ
चोरों की तरह बैठकर,काम करने की एक्टिंग कर रहा हूँ।
तुम सकपका गयीं।
लेकिन मैंने माहौल पे पकड़
बनाये रखने के लिए तुरंत बोल दिया..
“आज धूप बहुत तेज़ है न!”
“हाँ, सो तो है।
लेकिन क्या किया जाए,
कपड़े तो धुलने ही पड़ेंगे।”
“ये बात तो है,
कोई मदद करूँ आपकी?”
“कपड़े धोने में? ”
“अरे मतलब कपड़े सुखाने में ”
“अरे नहीं मैं कर लूँगी”
“वैसे आपको किसी भी तरह की ज़रूरत हो तो बता
सकती हैं आप, बेझिझक।”
“जी बिलकुल ”
हालाँकि ये एक बहुत औपचारिक वार्ता थी,
लेकिन इस वार्ता के बाद ये स्पष्ट था कि अभी संभावनाएं हैं।
किस चीज़ की, ये पता नहीं,
लेकिन इतना ज़रूर है
कि तुम्हारे आने से अब छत का माहौल बदला सा है,
बाल्कनी अब सूनी नहीं लगती।
मोहल्ला मानो मुकम्मल हो गया हो तुम्हारे आने से,
और मैं भी!!!
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~Meiin Tere Naseeb Meiin Nahi Toh Kya Hua,
Tu Jiskey Naseeb Meiin Haii Usy Tension Mubarak .. ‘
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