Dard dilon ke kam ho jaate… Main aur Tum agar hum ho jaate
मोहब्बत का इजहार करके मेरे दर्द को बेघर ना कर… ताउम्र काटी है इसने मेरे सीने में रह कर…..।।।।”
चंद पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के. ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया.
तुम से बिछड के फर्क बस इतना हुआ … तेरा गया कुछ नहीँ और मेरा रहा कुछ नहीँ…!
-Unse Kehdo Hamarii Sazza Kuch Kam Kardey, Hum Mujrim Nahii Bas Galti Se Ishq Hua Haii .. ‘
*फिर उड़ गयी नींद ये सोच कर……* *सरहद पर बहा वो खून मेरी नींद के लिए था…..!!
Yeh Jo Tum Ho Tum Hii Bakii Ho Mujh Meiin, Kay Woh Jo Hum Thay Mar Gaey Tum Pey ..
इतना रोई वो मेरी कब्र पे मुझे जगाने के लिए, मै मरता ही क्यो अगर वो थोड़ा रो देती, मुझे Continue Reading..
हां हो रही है हलचल फिर से एक बार इस खामोश जिदंगी मे…. कोई बता दो कि की खुश़ीया आएगी Continue Reading..
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