एक ट्रेन अम्बाला से अमृतसर की तरफ रवाना होनी थी…..रात नौ बजे सभी डिब्बे खचाखच भर गए……
संजू भी चढ़ गया पर उसे बैठने तक की जगह नहीं मिली तो उसने एक तरकीब लगाई और “सांप, सांप, सांप,” चिल्लाना शुरू कर दिया…
लोग डर के मारे सामान सहित उतर कर दूसरे डिब्बों में चले गए…..
वे ठाठ से ऊपर वाली सीट पर बिस्तर लगा कर लेट गया ,दिन भर के थका था तो जल्दी सो गया …..
सवेरा हुआ,”चाय, चाय” की आवाज पर वे उठा चाय लीऔर चाय वाले से पूछा कि कौन सा स्टेशन आया है ?
तो चाय वाले ने बताया, “अम्बाला ” है…..
फिर पूछा, “अम्बाला ” से तो रात को चले थे ?”
चाय वाला बोला , “इस डिब्बे में सांप निकल आया था ..इसलिए इस डिब्बे को यहीं काट दिया गया था …
संता ने स्कूल से लौट रहे अपने बेटे को रास्ते में ही पकड़ा और दो थप्पड़ जमा दिए. फिर उस पर चिल्लाने लगा – “नालायक! बेवकूफ! तू किसी काम का नहीं है… !”
वहाँ से गुजर रहे एक राहगीर ने यह सब देखा तो पूछ लिया – “भाई, इस तरह बच्चे पर क्यों बिगड रहे हो ?”
संता ने जवाब दिया – “कल इसका रिजल्ट आने वाला है और मैं आज ही एक हफ्ते के लिए शहर से बाहर जा रहा हूँ !”