या चुटकला तो ना है सच्ची घटना है मेरे साथ घटी थी …
एअरइंडिया मैं युनियन बाजी के चलदे एअर होस्टैस बी पचपन छप्पन की हो कै रिटायर होवैं सैं समझै वे खुद नै सोलां साल की सैं … अर इकोनमी क्लास आले कस्टमर गैल्यां बिहेव न्यू करैं जणूं वा उनकी छात्ती पै बैठ कै जा रया हो … ढाई घंटे की फ्लाइट थी दिल्ली तै आबूधाबी की मेरी एकबै … वा नास्ता ब्रेड बटर , चटनी बर्गर सा दे कै गई …
अर पैग तो दो प्हल्यां ए ला लिए थे …
तीस लागगी … धौरै तै जावै थी मखा मैडम थोड़ा पानी ला दिजीए प्लीज …
ना सुणी …
अगली बार नजदीक तै लिक्ड़न लाग्गी मखा मैडम पानी ला दो …
ना जी …
तीसरी बार बी कोए असर ना …
फेर तो मेरे अंदर का हरयाणवी जाग ग्या घणी दूर थी मैं रुक्का दे कै बोल्या … ओ आंटी जी पाणी प्यादे गला सूख रया है …
दस सैकेंड मैं ले कै आई आंख्यां तै अंगारे बरस रे थे अर बोतल मेरे स्यामी एडजस्टेबल टेबल पै पटक कै गई … ड्युटी थी ना तो मेरे सिर पै मारती ..
एक बै एक चौधरी साहब की लाटरी लाग गी, अर लाटरी भी थोड़ी नहीं, पूरे 50 करोड़ की लागी। पूरे गोहान्ड मै रुक्का पङग्या अर मीडिया आले चौधरी कै पाच्छै पाच्छै चक्कर काटैं। एक मीडिया आला चौधरी कै मुह आगै माईक लगा कै बोल्या :-
चौधरी साहब। आप नै के बेरा लाग्या के इस नम्बर पै ऐ लाटरी लागै गी?
चौधरी :- जब मैं पहली रात नै सोया तो मन्नै सूपने मैं 16 दिख्या।। अर दूसरी रात नै सोया तो सूपने मै 2 दिख्या।। मन्नै 16 अर 2 की गुणा करकै 8 नम्बर पै लाटरी लगा दी।।
मीडिया आला ( अचम्भे मै ) :- रै चौधरी साहब। यो के कर्या आप नै। 16 अर 2 की गुणा तो 32 होव सै।।
चौधरी साहब :- रै बावलीबूच। तेरै हिसाब तै चालदा तो लाग ली थी लाटरी।।
न्यू कवैं अक वक्त एक बार खुद को दोहराता है …
हे भगवान … इसका मतलब वा फेर आवैगी मेरी जिंदगी मैं …
पिज्जा खुआदे … नंवी मूवी आरी देखण चाल्लै के टिकट के पीसे लेरी मैं … या सूट देखिए किसाक लागै है मेरै मन्नै तो ना जचया
गाजर का हलवा बनाने के लिए महिलाएँ 1200 रू/किलो काजू
800 रू/किलो बादाम और ड्राई फ्रूट और 700 रुपये किलो देसी घी सब खरीद लेंगी.
लेकिन गाजर जब तक दस रूपये की डेढ़ किलो ना हो जाये
तब तक हलवा बनाने का प्रोग्राम पेंडिंग ही रखती हैं
हरयाणे का एक गिट्ठा सा छोरा दिल्ली बस मैं जा था भीड़ घणी थी खड़े नै धक्के लागैं थे उपर सहारे आले डंडे तंइ उसका हाथ ना पौंच्या … एक लाम्बा सा माणस खड़या था उसकी दाड्ढी पकड़ कै खड़या हो ग्या अराम तै …
उस बंदे नै सोच्ची गल्ती तै पकड़ रया है बोल्या :- जनाब आप मेरी दाढ़ी पकड़े खड़े हैं इसे छोड़ दीजिए …
म्हारे आला गिठ मुठिया बोल्या :- क्यों उतरणा है के
थोड़ी कड़वी लागैगी … छोह मैं मतना आइओ …
म्हारे देस मैं घणखरी छोरियां स्कूल कॉलेज मैं ऐडवांस पणे का रोला करैं अक हमनै कुछ भी बोलण की अजादी चइए , कुछ बी पहरण की अजादी चइए , कंही बी अकेले आण जाण की अजादी चइए , किसी के साथ बी कैसा बी सबंध बणान की अजादी चइए …
अर याए छोरियां ब्याह पाच्छै अपणे पति का मोबाइल तो के जुराब तक सूंघ मारै अक कित कित गया था अर किस किस तै मिलया था आज सारा दिन .
पुराने माणसां की बात ए नयारी सै …
म्हारे दादा का गोड्डा उतर ग्या … गाम आले डाक्टर धोरै लेगे … घणी हाण जोर लाकै बोल्या ::- भाई अपणे दादा तै बांध कै टांड पै चढ़ाकै रख द्यो या गोड्डा कोनि चढ़े करदा … 😏😏😏😏
गाड्डी मैं गेरकै शहर के हाड्डजोड़ पैलवान के आगै जाकै धर दिआ दादा … वा बी आधा घंटा घुल कै बोल्या ::- यार थम मेरे पै झौट्टा छत्त पै चढ़वा ल्यो या गोड्डा चढ़ाना मेरे बस की ना सै … 😬😬
फेर किसी नै एक हकीम का पता दिया … उसके आगै दादा टेक दिया … हकीम साब नै कोई पाइया तेल गोड्डे पै गेर दिया होगा …
गोड्डा सारा तेल पी ग्या … बेरा ना कद का जंग खा रया था …
हकीम साब छौ मैं आ ग्या … अक ऐसी तैसी करा ग्या गोड्डा मेरे तेल के पीसे द्यो …
डेड़़ सौ रपइए हकीम तै देकै दादा घर लिआए … घरां आकै दादा नै अपणे आप टांग तै दो झटके दिए …
अर ईब कुददा फिरै है … म्हारा दादा जिंदाबाद …
आज फेर तेरी याद आरी , आज फेर ठेके पै जाउंगा ,
आज फेर नीदं मैं तेरा नाम ल्युंगा …
आज फेर लुगाई के मुक्के खाउंगा … 😢😢😭
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दारु की याद आरी गंदी सोच दारु की .
क्या आप जानते हैं … ?
कई मछलियां अंडे नही बच्चे देती हैं …
हाथी ढलान की तरफ तेज नही दौड़ सकता …
आप अपनी जीभ नीचे के दांतो से टच करके गर्लफ्रैंड नही बोल सकते …
बंदर कभी भी अप ……………. तूं गर्लफ्रैंड बोल ले प्हल्यां मैं तो ज्ञान बाद मैं बी दे ल्यूंगा