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हमारे भारत में लोग gifts मिलने पर thanks नहीं कहते बल्कि कहते है :
ही ही ही ही इसकी क्या ज़रूरत थी

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कल एक शादी में भोजन करने गया,
आँखें नम हो गई।
उनकी नई नवेली बहू, मँझली और बड़ी बहू सभी घूँघट में थी,
वाह क्या संस्कार।
बाद में पता चला – नोटो की समस्या से ब्यूटी पार्लर नहीं जा पाई थी।

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अगर महफिल में बैठा दोस्त 😎फोन📞 आने पर वंहा से तुरन्त कट ले🚶,,,,

तो समझ लो😌 तुम्हारी भाभी👱‍♀ उसे पूरी तरह अपने बस में ❤कर चुकी हैं

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मैने आज दूध वाले से बोला – आप दूध में पानी बहुत मिला रहे हैं!
दूध वाला – ये आप मुझ पर नहीं गौमाता पर शक कर रहे हैं

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एक लड़की क्लास में गाना गा रही थी:
ओ ज़रा Touch Me, Touch Me, Touch Me..
तभी पप्पू उठा और लड़की को छू लिया,
और बोला हिम्मत है तो आगे गा

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शुरू हो गये आशिक़ों के नवरात्रे
कल देवी जी को फूल चढ़ाने का दिन था
आज विन्ती का दिनं है
Prpose Day

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मज़ा आ गया जब kashmir में एक दुकान के बाहर ये बोर्ड देखा…..

“हम सौ पाकिस्तानी आतंकवादी के साथ
बिज़नेस करना ज्यादा पसंद करेंगे
बजाये एक भारतीय सैनिक से”!!!
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आप सोच रहे होगे इसमें मज़ा कैसे आया?🤔
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क्योंकि वो कफ़न की दुकान थी।

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काश मेरी पड़ोसन का नाम दुआ होता,

उसका पति जब भी पूछता भाई साहब कैसे हो तो मैं कहता,

भाई साहब..बस आपकी दुआ चाहिए

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कुछ लड़किया परीक्षा के दिन इतनी सज सँवर के आती है

की समझ में नहीं आता ख़ुद पास होने आयी है या दुसरो को फ़ेल कराने।

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दिल्लगी कर जिंदगी से, दिल लगा के चल
जिंदगी है थोड़ी, थोडा मुस्कुरा के चल ….

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मुर्गी अंडे दे रही थी और मालिक बेंच रहा था।
मुर्गी देशहित में अंडे दे रही थी।
उसके मालिक ने कहा था-
’’ आज राष्ट्र को तुम्हारे अंडों की जरूरत है।
यदि तुम चाहती हो कि तुम्हारा घर सोने का बन जाये तो जम के अंडे दिया करो। आज तक तुमसे अंडे तो लिये गये लेकिन तुम्हारा घर किसी ने सोने का नही बनवाया। हम करेंगे। तुम्हारा विकास करके छोड़ेंगे।’’

मुर्गी खुशी से नाचने लगी।
उसने सोचा देश को मेरी भी जरूरत पड़ती है।
वाह मैं एक क्या कल से दो अंडे दूंगी।
देश है तो मैं हूं।
वह दो अंडे देने लगी।

मालिक खुश था।
अंडे बेचकर खूब पैसे कमा रहा था।
मालिक निहायत लालची सेठ था।
उसने मुर्गी की खुराक कम कर दी।
मुर्गी चौंकी। -’’ आज मुझे पर्याप्त खुराक नहीं दी गई। कोई समस्या है क्या ?’’
-’’ देश आज संकट में है। किसी भी मुर्गी को पूरा अन्न खाने का हक नहीं। जब तक एक भी मुर्गी भूखी है मैं खुद पूरा आहार नहीं लूंगी। हम देश के लिए संकट सहेंगे।’’
मुर्गी आधा पेट खाकर अंडे देने लगी। मालिक अंडे बेचकर अपना घर भर रहा था।
बरसात में मुर्गी का घर नहीं बन पाया।
मुर्गी बोली- आप मेरे सारे अंडे ले रहे हैं। मुझे आधा पेट खाने को दे रहे है। कहा था कि घर सोने का बनेगा। नहीं बना। मेरे घर की मरम्मत तो करवा दो।
मालिक भावुक हो गया।
बोला “तुमने कभी सोचा है इस देश में कितनी मुर्गियां हैं जिनके सर पर छत नहीं हैं। रात-रात भर रोती रहती हैं। तुम्हें अपनी पड़ी है। तुम्हें देश के बारे में सोचना चाहिए। अपने लिए सोचना तो स्वार्थ है।’’

मुर्गी चुप हो गई। देशहित में मौन रहने में ही उसने भलाई समझी।

अब वह अंडे नहीं दे पा रही थी।
कमजोर हो गई थी।
न खाने का ठिकाना न रहने का।
वह बोलना चाहती थी लेकिन भयभीत थी।
वह पूछना चाहती थी-
“इतने पैसे जो जमा कर रहे हो- वह क्यों और किसके लिए?
देशहित में कितना लगाया है?”

लेकिन पूछ नहीं पाई।

एक दिन मालिक आया और बोला- ’’ मेरी प्यारी मुर्गी तुझे देशहित में मरना पड़ेगा। देश तुमसे बलिदान मांग रहा है। तुम्हारी मौत हजारों मुर्गियों को जीवन देगा।’’
मुर्गी बोली “लेकिन मालिक मैने तो देश के लिय बहुत कुछ किया है,”
मालिक ने कहा अब तुम्हे शहीद होने पड़ेगा।
बेचारी मुर्गी को अब सब कुछ समझ आ गया था
लेकिन अब वक्त जा चुका था और मुर्गी कमज़ोर हो चुकी थी, मालिक ने मुर्गी को बेच दिया।

मुर्गी किसी बड़े भूखे सेठ के पेट का भोजन बन चुकी थी।

मुर्गी देशहित में शहीद हो गई.

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कितना समेटे खुद को बार बार,
टूट के बिखरने की भी सीमा होती है ||

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SAnTa k ghar shadi
k 20 saal baad bacha hua
.
,Wo udaas ho gaya,.
.
BANTA:
Yaar udaas kiu ho ?.
.SANTA:20 saal baad bacha hua
wo bhi
“CHOTA SA..

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संता: यह सदाचार क्या होता है?

बंता: जैसे आम का अचार होता है, वैसे सादा आचार होता है! :-प

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संता: यह अनुशासन क्या होता है?

बंता: जैसे दुशासन होता है, वैसे ही अनुशासन होता है !

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मैं भले ही वो काम नहीं करता जिससे खुदा मिले…
पर वो काम जरूर करता हूँ…जिससे दुआ मिले.’;..
इंसानियत दिल में होती है, हैसियत में नही,
उपरवाला कर्म देखता है, वसीयत नही..

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