Sub Categories

भयंकर जानकारी
अंग्रेजी के 26 वर्ण के भीतर W सबसे बड़ा भयंकर होता है और हमेशा टेंशन देता है:-
जैसे:- What? Where? Who? Whom? Why? When?
और सबसे ज्यादा Women? 😜
और उससे भी ज्यादा भयंकर Wife😂

Loading views...



*भारत में दो प्रकार के लोग हैं।*

*एक वो,जो रोज मोदी को* *गालियाँ देते हैं*

और

*दूसरे वो, जो उनके काम की कद्र व तारीफ करते हैं*…….

*इन दो ज़मात के अलावा एक तीसरा वर्ग भी है, जो चुपचाप 180 ml लेकर शांतिपूर्वक सो जाते हैं…….*

*एक सर्वेक्षण में पाया गया है, कि ये तीसरा वर्ग ही सर्वाधिक सुखी है……*

Loading views...

कल रात पंडित नेहरू मेरे सपने में आए
और बोले:😏
बेटा जो ये तुम भारत, पाकिस्तान और बंगलादेश के मैच का मज़ा ले रहे हो ना वो सब मेरी वजह से ही है !!😎

कांग्रेस को वोट दो तो आगे
भारत vs केरल/बंगाल/असम/कश्मीर
के मैच का मजा भी मिलेगा ।

Loading views...

हाय रै गरमी
सुबह का गया शाम को घर लौटे तो उसे भूला नही ,,
भुना हुआ कहते हैं

Loading views...


एक बार एक डॉक्टर के पास एक लड़की आई। वो बहुत घबराई हुई थी। डॉक्टर ने सोचा चलो इसे एक चुटकुला सुना देता हूँ ताकि इसकी थोड़ी घबराहट कम हो जाये। डॉक्टर ने अपने हाथों पर रबर के दस्ताने पहने और लड़की से पूछा, “क्या तुम्हें पता है यह कैसे बनते हैं?”
लड़की: नहीं, मुझे नहीं पता।
डॉक्टर: जिस फैक्ट्री में यह बनते हैं वहाँ एक बहुत बड़ा टैंक है जिसमे बहुत सी रबर जमा की हुई है और जो कारीगर हैं वो वहाँ आते हैं और अपने हाथ उस टैंक में डाल देते हैं, फिर उन्हें सुखा लेते हैं और सूखने के बाद हाथों से इन्हे उतार कर अलग-अलग साइज के हिसाब से डिब्बों में पैक कर देते हैं।
यह सुन कर लड़की को कोई हंसी नहीं आयी। डॉक्टर ने सोचा चलो मैंने कोशिश तो की और वो अपने काम में जुट गया। थोड़ी देर बाद जब डॉक्टर बड़े ध्यान से लड़की की जाँच कर रहा था तो लड़की एक दम से ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगी।
डॉक्टर: क्या हुआ?
लड़की: मैं बस यह सोच रही थी कि ‘कंडोम’ कैसे बनते होंगे!

Loading views...

Sorry to disturb you…
:
:
लेकिन मामला urgent है.
सीता को रावण हर साल की तरह
फिर से उठा कर ले गया है.
हनुमान को 10000 बंदरों
की ज़रूरत है,
मैसेज मिलते ही आप निकल पडो..

Loading views...


स्टेट बैंक की कहानी : 😂

जरूरी नहीं, की
पापों के प्रायश्चित के लिए दान पुण्य ही किया जाए।

स्टेट बैंक में खाता
खुलवा कर भी
प्रायश्चित किया जा सकता है..

छोटा मोटा पाप हो, तो
बैलेंस पता करने चले जाएँ।

चार काउन्टर पर धक्के खाने के बात पता चलता है, कि
बैलेंस गुप्ता मैडम बताएंगी।

गुप्ता मैडम का काउन्टर कौनसा है,
ये पता करने के लिए
फिर किसी काउन्टर पर जाना पड़ता है।

लेवल वन कम्प्लीट हुआ। यानी गुप्ता मैडम का
काउन्टर पता चल गया है।
लेकिन अभी थोड़ा वेट करना पड़ेगा, क्योंकि
मैडम अभी सीट पर नहीं हैं।

आधे घंटे बाद चश्मा लगाए,
पल्लू संभालती हुई,
युनिनोर की 2G स्पीड से चलती हुई गुप्ता मैडम
सीट पर विराजमान हो जाती हैं।
आप मैडम को खाता नंबर देकर बैलेंस पूछते हैं।

मैडम
पहले तो
आपको इस तरह घूरती हैं,
जैसे आपने उसकी
बेटी का हाथ मांग लिया हो।
आप भी अपना थोबड़ा ऐसे बना लेते हैं,
जैसे सुनामी में आपका सबकुछ उजड़ गया है,
और आज की तारीख में
आपसे बड़ा लाचार दुखी कोई नहीं है।

गुप्ता मैडम को
आपके थोबड़े पर तरस आ जाता है, और
बैलेंस बताने जैसा भारी काम करने का मन बना लेती हैं।
लेकिन
इतना भारी काम, अकेली अबला कैसे कर सकती है?
तो मैडम सहायता के लिए आवाज लगाती हैं~

“मिश्रा जीsss, ये बैलेंस कैसे पता करते हैं?”

मिश्राजी,
अबला की करुण पुकार सुनकर अपने
ज्ञान का खजाना खोल देते हैं।
“पहले तो खाते के अंदर जाकर क्लोजिंग बैलेंस पर क्लिक करने पर बैलेंस आ जाता था। लेकिन अभी सिस्टम चैंज हो गया है। अभी आप F5 दबाएँ,
और इंटर मार दे तो
बैलेंस दिखा देगा..”

गुप्ता मैडम
चश्मा ठीक करती हैं,
तीन बार मोनिटर की तरफ और तीन बार की-बोर्ड की तरफ
नजर मारती हैं।
फिर उंगलियाँ की-बोर्ड पर
ऐसे फिरातीं है, जैसे कोई तीसरी क्लास का लड़का वर्ल्ड मैप में सबसे छोटा देश मस्कट ढूंढ रहा हो।

मैडम फिर मिश्रा जी को
मदद के लिए पुकारती हैं~
“मिश्रा जी,
ये F5 किधर है..??”

मैडम की उम्र पचास से ऊपर होने के कारण
शायद मिश्रा जी
पास आकर मदद करने की जहमत नहीं उठाते।
इसलिए
वहीँ बैठे बैठे
जोर से बोलते हैं~ कीबोर्ड में
सबसे ऊपर देखिये मैडम..”

“लेकिन सबसे ऊपर तो
सिर्फ तीन बत्तियां जल रही हैं..”

“हां उन बत्तियों के नीचे है।
लम्बी लाईन है
F1 से लेकर F12 तक..”

Finally,
मैडम को F5 मिल जाता है। मैडम झट से बटन दबा देती है। मोनिटर पर आधे घंटे
जलघड़ी, ( कुछ लोग उसे डमरू समझते हैं ) बनी रहती है।

अंत में
एक मैसेज आता है~
“Session expired. Please check your connection..”

मैडम अपने हथियार डाल देती हैं।
एक नजर, आपके
गरीबी लाचारी से पुते चेहरे पर
डालती हैं और कहती हैं~
“सॉरी, सर्वर में प्रोब्लम है..”

कहने का टोन
ठीक वैसा ही होता है, जैसे
पुरानी फिल्मो में डॉक्टर ओपरेशन थियेटर से बाहर आ कर
कहता था~

“सॉरी!!
हमने बहुत कोशिश की
पर ठाकुर साहब को
नहीं बचा पाए..”

Loading views...


Agr Husband Apni Wife k Lye Car ka Darwa’za Kholay, Tou Samjh Jao keh,

Car Nayi Hai,,Ya
Wife Nayi Hai,,Ya
Wife ‘Nahi’ hai

Loading views...

गुप्ता जी के पड़ोस में सत्यनारायण कथा की आरती हो रही थी,

आरती की थाली गुप्ता जी के सामने आने पर,
गुप्ता जी ने अपनी जेब में से छाँट कर कटा फटा दस रूपये का नोट कोई देखे नहीं, ऐसे डाला ।

वहाँ अत्यधिक ठसाठस भीड़ थी ।

गुप्ता जी के कंधे पर ठीक पीछे वाली आंटी ने थपकी मार कर गुप्ता जी की ओर 2000 रूपये का नोट बढ़ाया ।

गुप्ता जी ने उनसे नोट ले कर आरती की थाली में डाल दिया ।

गुप्ता जी को अपने 10 रूपये डालने पर थोड़ी लज्जा भी आई ।

बाहर निकलते समय गुप्ता जी ने उन आंटी को श्रद्धा पूर्वक नमस्कार किया,

तब आंटी ने गुप्ता जी को बताया कि 10 का नोट निकालते समय आपका 2000 का नोट जेब से गिरा था, वो ही आपको वापिस किया था ।
गुप्ता जी कोमा में हैं ।

बोलो सत्यनारायण भगवान की जय !”

Loading views...

Asaani se dil lagaaye jaate hain,
Magar mushkil se waade nibhaaye jaate hai,
Mohabbat le aati hain un raahon pe,
Jahan diyon ke badle dil jalaaye jaate hain.!

Loading views...


मैं तो सुबह सुबह जागने के बाद भी
2 घंटा बिस्तर पर पड़ा रहता हूँ क्योंकि
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
सारी रात सोता सोता थक जाता हूँ….

Loading views...


इंडिया के न्यूज चैनल V/S T R P

आज एक विधवा भूखी औरत अपने दो भूखे बच्चों के साथ रेलवे लाइन पे पंहुंची … दोनों बच्चों को बांध के उसने रेल की पटरी पे रख दिया … उधर से ट्रेन धड़धड़ाती हुई आ रही थी … इंजन ड्राइवर ने हॉर्न बी बजाया ……..

इसके बाद क्या हुआ … देखते हैं ब्रेक के बाद …

शर्म करो न्युज चैनल वालो … आप लोकतंत्र का चौथा और सबसे मजबूत स्तंभ हो … और आप कर क्या रहे हो … ???

Loading views...

बदलने वाले तो बदल ही जाते हैं
वक्त तो सिर्फ एक बहाना होता है

Loading views...


हो सकती है
जिंदगी में मोहब्बत दोबारा भी……
बस हौंसला चाहिए
फिर से बर्बाद होने का…!!

Loading views...

चायपत्ती और पति में क्या समानता है ?
दोनों के ही भाग्य में जलना और उबलना लिखा है…
ओर वो भी औरत के हाथो.

Loading views...

संता टीचर – जब बिजली कड़कती है तो चमक पहले दिखाई देती है और आवाज बाद में सुनाई देती है … क्यों ?
.
.
.
बंता स्टूडेंट – क्योंकि हमारी आँखें आगे हैं और कान पीछे … !!!

Loading views...