मैं दुनिया की खौफनाक हकीकत को, क्या बयाँ करूँ ?
यहाँ तो गर्भ में पल रही मासूम से भी, लोगों की दुश्मनी है.

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Kabhi yaadein…
Kabhi baatein…
Kabhi beeti mulakate…
Bohot kujh yaad aata he,
tumhare yaad aane se….

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तुम माचिस की तीलियों से खेलते रहे….
बिना ये जाने,
की दिल मेरा कागज़ का था….

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फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में की,
मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया ।।

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~Hum Chah Kar Bhii Pooch Hii Naii Pate Unka Haal,
Darte Haiin Kahiin Yeh Na Kehdy Woh ,
Tumhey Yeh Haq Kisne Diiya .. ?

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~Kabhi Munasib Ho To Hum Se Bhi Hum-Kalam Hona
Suna Hai Wafa Ki Batain Bohat Karte Ho .. ^

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Jane Duniya Mein Aisa Kyun Hota Hai..
Jo Sab Ko Khushi De Wahi Rota Hai

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Woh bachpan ke din gye,
Jab subah chahye(tea) ke saath
Chehre par smile hoti thi ,, 🙁

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Tum se Mohabat Thi jo Teri Bewafai
Bardasht kr Gya…..!
Wrna Tere Seene se Tera dil Nikal Lete…
Jo Mohabat ke Qabil
Nahi…..!

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~Wafaon Se Mukar Jana Hamein Aya Nahi Ab Tak
Jo Waqif Na Hon Chahat Se Hum Un Se Zidd Nahi Karte..^

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हकीकत जान लो जुदा होने से पहले,😓
मेरी सुन लो अपनी सुनाने से पहले,😢
ये सोच लेना भूलने से पहले,😷😭
बहुत रोई हैं ये आँखें मुस्कुराने से पहले.

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Tera na hone se zindagi mein bus itni si kami rehti hai,
main chahein lakh muskuraun in aankhon mein nami si rehti hai.

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एक सवाल था दिल में, जवाब चाहती हूँ!
उलझी हूँ थोड़ी, एक आस चाहती हूँ!
की क्या हो हर बार, बार-बार जो तुम मुझे निराश करते रहो,
हर आस को मेरी तारतार करते रहो!
मैं फिर तुम्हारे एक इशारे पे दौड़ी चली आऊँ,
तुम कहो तो रोयुं, तुम कहो तो मुस्काऊँ!
की क्या हो जो तुम हर बार मुझे गिनाते रहो गलतिया मेरी,
सुनाते रहो बातें जो तीर सी हो तीखी,
मैं फिर भी हर बार वो तीखा स्वाद भूल जाऊं,
तुम दो एक आवाज़, मैं दौड़ी चली आऊँ!
क्या हो, जो हर बार तुम वजह दो मुझे दूर जाने की,
कोई कोशिश न छोड़ो मुझे रुलाने की,
मैं फिर भी हर बार तुम्हारी तरफ खींची आऊँ,
रब दे ज़िन्दगी जितनी भी,
उसकी हर सांस तेरे नाम लिख जाऊँ,
और फिर एक रोज,
आखिर मान लो हार तुम भी,
भूला के पिछली बातों को तुम मेरे पास लौट आओ!
और, मैं लेलू बदला तुमसे उस वक़्त!
हमेशा के लिए तुम्हे छोड़ कहीं दूर चली जाऊँ,
जहाँ से न खबर मिले मेरे आने की,
का अक्स मिले कोई,
वो दुनिया जहाँ से कोई वापस नहीं आता!
क्या हो?!
तुम मुझे पल-पल मारने की कोशिश करो,
और हर कोशिश का बदले मैं तुम्हें जीते जी मार जाऊँ!
बस एक सवाल था मेरे दिल में,
इसका जवाब चाहती थी!
क्या हो?!
जो एक रोज, बिन बताये ऐसा कर जाऊं!!
क्या हो?!

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इस दुनियाँ में सब कुछ बिकता है,
फिर जुदाई ही रिश्वत क्युँ नही लेती?
मरता नहीं है कोई किसी से जुदा होकर,
बस यादें ही हैं जो जीने नहीं देती..

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~Unchi Emaarton Me Chup Gya Makaan Mera
Kuch Log Mere Naseeb Ka Sooraj Bhi Le Gaye .. ^

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उसे लगता है
की उसकी चालाकियाँ मुझे समझ
नही आती
मै बड़ी खामोशी से देखता हु
उसको अपनी नजर से गिरते हुए

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