एक सिंधी ने जिंदगी भर बड़ी मेहनत की। खूब पैसा कमाया, लेकिन वह महा कंजूस था। अपार धन इकट्ठा हो गया जब मरने लगा तो wife को बुला कर कहा – एक वादा करो. यह सारा पैसा दाहसंस्कार के समय मेरे साथ ही रख देना ताकि ऊपर जा कर मैं खर्च कर सकूं।
Wife – मैं वादा करती हूँ।
मरने के बाद जब उसे ले जाने लगे तो wife बोली – रुको। वह एक लिफाफा लाई और शरीर के साथ रख दिया।
भाई ने पूछा – तो क्या सारा पैसा जल गया ?
Wife- मैने सारे पैसे का एक चैक बनाकर उन के साथ रख दिया। जब चाहेंगे cash करा लेंगे.
आखिर wife किस की थी ? सिंधी की
मैंने एक नेता से पूछा –
सर जी, ये “जनता” और “आदमी” से पहले
“आम” शब्द क्यों लगाते हैं ?
जैसे कि, आम आदमी, आम जनता ?
नेता जी बहुत ही खूबसूरत जवाब देते हुए बोले –
ताकि उसे चूसा जा सके…
और काम निकल जाने पर गुठली की तरह फेंका जा सकें….
घोंचू (पोंचू से)- क्या तुम बता सकते हो कि शास्त्रीय संगीत और डिस्को संगीत में क्या अंतर है?
पोंचू- हां जरूर! शास्त्रीय संगीत के श्रोताओं के सिर हिलने लगते हैं और डिस्को संगीत के श्रोताओं के पैर हिलने लगते हैं।