रामू जिस घर में काम करता था, उस घर के मालिक की व्हिस्की की बोतल से एक दो पैग चुराकर पी लेना, और फिर उतना ही पानी बोतल में मिला देना, उसकी आदत थी।
😮 मालिक को उसपर शक था, लेकिन फिर भी उसने कुछ नहीं कहा।
.
लेकिन जब ये रोज की ही बात हो गई, तो एक दिन जब मालिक अपनी पत्नी के साथ ड्राइंग रूम में बैठा था, उसने वहीं से अपने नौकर रामू को जोर से आवाज लगाई जो किचन में खाना बना रहा था।
.
😠 मालिक (चिल्लाकर) : “रामू !”
.
👴 रामू (किचन से) : “हाँ मालिक ?”
😖 मालिक : “मेरी बोतल से किसने व्हिस्की निकालकर पी, और फिर पानी मिला दिया है ?
😶 किचन से कोई जवाब नहीं मिला।
मालिक ने फिर अपना प्रश्न दोहराया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
.
😡 मालिक बेहद गुस्से में किचन में पहुँचा, और रामू पर
चिल्लाया : “ये क्या हो रहा है ? मैंने जब तेरा नाम लिया तो तूने जवाब दिया, लेकिन जब मैंने फिर कुछ पूछा, फिर दोबारा पूछा, तो तू जवाब नहीं दे रहा। क्यों ??”
.
😵 रामू : “वो ऐंसा है मालिक, कि, इस किचन में आपको आपका सिर्फ नाम ही सुनाई देता है, और कुछ नहीं।”
.
🤐 मालिक : “ये कैसे संभव है ?
….ठीक है, मैं तुझे गलत साबित करता हूँ। तू जा और ड्राइंग रूम में मालकिन के पास जाकर मुझे आवाज लगा, और फिर कुछ और भी पूछ। मैं यहाँ किचन में सुनता हूँ।”
.
🙂 रामू ड्राइंग रूम में मालकिन के पास गया और वहाँ से मालिक को पुकारा : “मालिक !”
.
मालिक (किचन से) : “हाँ रामू ?”
.
😜 रामू : “अपने घर की नौकरानी को मोबाइल किसने
दिलाया ?”
.
😐 किचन से कोई जवाब नहीं मिला।
.
😛 रामू ने अगला प्रश्न किया : “और फिर नौकरानी के साथ लांग ड्राइव पर कौन गया था ?”
.
कोई जवाब नहीं।
.
😟 मालिक किचन से ड्राइंग रूम में आया और बोला :”तू सही बोल रहा है रामू।
अगर कोई किचन में हो, तो उसे पुकारा गया अपना नाम ही बस सुनाई देता है, और कुछ नहीं।
अजब चमत्कार है भाई..!!😂😂😂😂😂😂😂
Banta – Santa paji bus me us ladies ne aapko thapad kyo mara??
.
Santa- Oye yr meri 1 photo gir gayi oyr us ladies ke pairo me chali gayi. Maine usse kaha ki behn g sadi upar karegi 1 photo lane hai.
.
Itni sitare baat thi pata nahi thapad kyo mar diya..
संता किसी लड़की के घर रिश्ता लेकर गया।
लड़की के मां-बाप बोले – “हमारी बेटी तो अभी पढ़ाई कर रही है।”
संता बोला – “कोई बात नहीं जी, हमएक घंटे बाद आ जाएंगे।”
Heart touching story 😚😚
🧐
बाप मरणासन्न अवस्था में पलंग पर पड़ा था।
😗
दो भाई, ऐक बहन अंतिम समय अपने पिता के पास बैठे थे।
😗
पिता ने तीनो से कहा- में तुम्हें कुछ सपने तुम्हारी आने वाली पीढियों के लिए कुछ देना चाहता था ,
😗
तीनों संताने एक साथ बोली ………….
पिता जी आपने सब तो दे दिया अब कुछ नही चाहिये……..
😗
पिताजी बोले – नही मुझे पता था की समय आने के पहले ही मेरे प्राण निकल जाएगे
इस लिए मेने पूजा घर मे मूर्ति के नीचे लिख कर रखा है, जो तुम्हारे और तुम्हारे परिवार का भविष्य सुधार देगा।।
😗
इतना बोल पिताजी चिर निद्रा मैं लीन हो गये…………….
😗
क्रिया कर्म के बाद याद आने पर बेटी पूजा घर में रखा कागज ला कर पढने लगी……
😗
आखो में आसूं थे…………….
😗
भाई ने पूछा क्या लिखा है बता………………..
😗
*पर्ची पर लिखा हुआ था*
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
*”अब की बार फिर से मोदी सरकार”*
सास : “कितनी बार कहा है…
बाहर जाओ तो बिन्दी लगाकर जाया करो…
“आधुनिक बहू…
“पर जीन्स पर बिन्दी कौन लगाता है…??
सास : “तो मैंने कब कहा जीन्स पर लगा…??
माथे पर लगा चुड़ैल…!!
माथे पर…”
मेहमान- आज मुझे जरूर सुबह चार बजे उठा दीजिएगा। कहीं ऐसा न हो कि फिर मेरी गाड़ी छूट जाए।
मेजबान- जी, मैं जरूर जगा दूंगा। अगर मैंने आज सुबह आपको उठाकर गाड़ी में नहीं सवार करवाया तो मेरी बीवी आपके साथ मुझे घर से निकाल देगी।