*रोने से तो आंसू भी पराये हो जाते हैं,*
*लेकिन मुस्कुराने से…*
*पराये भी अपने हो जाते हैं !*
*मुझे वो रिश्ते पसंद है,*
*जिनमें ” मैं ” नहीं ” हम ” हो !!*
*इंसानियत दिल में होती है, हैसियत में नही,*
*उपरवाला कर्म देखता है, वसीयत नही…*
पिता—” कल रातभर कहाँ था?
बेटा —” दोस्त के रूम में ग्रुप स्टडी कर रहा था। ”
पिता—” तेरी, रात की उतरी नहीं। ”
बेटा –” क्यों ???”
पिता—” तुझे नौकरी लगे चार साल हो गए हैं, बेवड़े
वक़्त पर शादी कर लेनी चाहिए नख़रे वखरे नही करना चाहिए वरना….
मेरे मोहल्ले में एक मास्टर जी रहते हैं 44 साल की उम्र में उनकी शादी हुई!
एक दिन कहने लगे कि जब मैं 23 साल का था तो डायरी में मैं ने 40 ऐसी खूबियां लिखीं जो मेरी बीवी में होनी चाहिए।
वक़्त गुज़रता गया लेकिन ऐसी बीवी नही मिल सकी जिस में 40 ख़ूबियां हों
और मास्टर जी हर साल एक दो ख़ूबियां काटते रहे कि चलो यह ख़ूबियां ना भी हों तो भी लड़की क़बूल है।
आख़िर मास्टर जी 40 साल के हो गए और डायरी में सिर्फ़ एक ख़ूबी लिखी रह गई की…