एक सेठ सेठानी में बहस हो गई कि उनके एक मात्र लड़के के लिये गाँव की बहू लाऐं या शहर की.
सेठानी कहती कि गाँव की लाऐंगे क्योंकि वह घर काम संभाल लेगी.
सेठजी कहते कि वे गँवार होती हैं.उन्हे शहर के तौर तरीके नही आते हैं.
आखिर सेठानी कि जिद पर एक गाँव पहुंचे. सेठजी ने कहा बेटी जरा चीकू शेक ले आओ.बेचारी लड़की को कुछ समझ नही आया.वह रसोईघर मे गई. चार चीकू लिये. तवे पर सेका.मसाला डाला और प्लेट मे चीकू सेक🥤 कर ले आई.
सेठ सेठानी इस चीकू शेक को देखते ही रह गए।
अब सेठजी के कहने पर शहर मे लड़की देखने गये.
सेठानी ने नई बहू की परीक्षा लेने के लिए बोला बेटी जरा पापड़ सेक लाओ l
लड़की किचन मे गई. चार पापड़ लिए.मिक्सर मे डाले.पानी मिलाया और गिलास मे भर🥛 कर ले आई और बोली
नेताजी काफी समय से बीमार चल रहे थे।
उनकी पत्नी :- आप डॉक्टर के पास गए थे, बीमारी का कुछ पता चला ।
नेताजी :- नहीं, टैस्टों में कुछ नहीं आया।
पत्नी :- आप CBI जांच क्यों नहीं करवा लेते
लड़का – मैं आपकी बेटी से शादी करना चाहता हूं
लड़की का पिता – कितना कमा लेते हो?
लड़का – 18,000 रुपये महीना
लड़की का पिता – 15,000 मैं अपनी बेटी को पॉकेट मनी देता हूं
लड़का – वो मिला के ही बोल रहा हूं अंकल
इंजीनियरिंग के छात्र – सर हमने एक ऐसी मशीन बनाई है, जिसकी मदद से हम दिवार के आर – पार देख सकते है।
टीचर – क्या ?
छात्र – जी छेद 😂😂😂😜😜😜
टीचर – दे थप्पड़ दे थप्पड़