महिलाओं की स्कूटर ड्राइविंग स्किल के कुछ तथ्यों पर प्रकाश डालता हूँ, पढ़े और लाभ उठाएं :
1. बड़ी फ़ास्ट ड्राइविंग करती हैं । आप के बराबर से ज़न्न से गुज़र जाएंगी । आप कभी इनके स्कूटर को देखोगे और कभी अपनी 150CC की बाइक को कि हमारी बाइक क्या पेट्रोल न पीती ।
2. अगर आप किसी स्कूटर सवार महिला के पीछे चल रहे हैं तो कभी भी इनके इंडिकेटर पर भरोसा न करें । ये देंगी राइट का इंडिकेटर और मुड़ेंगी लेफ्ट, बल्कि हो सकता है कि इंडिकेटर दे दें और सीधी निकली चली जाएं, या बिना इंडिकेटर दिए कब किधर मुड़ जाएं, कुछ नही कहा जा सकता ।
3. कभी किसी स्कूटर सवार महिला के आगे न चलें । इन महिलाओं को स्कूटर के ब्रेक से ज़्यादा अपने पैरों पर यक़ीन होता है इसलिए इनके स्कूटर के ब्रेक शू कभी नहीं घिसते । हाँ, शूज़ हफ्ते में दो जोड़ी घिस जाते है । तो आगे चलने पर आप को कभी भी ठोका जा सकता है ।
4. आगे चलने वाली महिला स्कूटर सवार के “लैंडिंग गियर” रूपी पैर अगर बाहर निकल आये तो समझें कि अब इनको रुकना है ।
5. ये मोहतरमाएँ कभी स्कूटर के इंजन की ताक़त पर भरोसा नही करतीं । जब स्कूटर स्टार्ट कर लेंगी तो 10-20 फ़ीट तक तो पैरों से धकेलेंगी ।
6. अधिकतर महिलाएं अपने स्कूटर को मैन स्टैंड पर खड़ा नही कर पातीं ।
7. सब से महत्वपूर्ण, खुदा न ख़्वास्ता अगर इनकी टक्कर हो जाये (वैसे तो इन्होंने हफ्ते में दो चार को ठोकना ही होता है) तो मदद करने में संकोच या देर न करें । कारण, पहली बात तो स्कूटर इनसे उठता नही है, दूसरे, घबराहट में इनके हाथ पैर ठंडें हो कर काम करना बंद कर देते हैं, तीसरे, आप मदद नही करेंगे तो ट्रैफिक जाम हो जाएगा ।
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