Bache ka surname:
Bacha Agar Ek aadmi se ho to EKNATH
2se-DUBE
3-TIVARI
4-CHATURVEDI
5se-PANDE
Sab ka ho to-MISHRA
Or kisika B pata na ho to-GUPTA
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Bache ka surname:
Bacha Agar Ek aadmi se ho to EKNATH
2se-DUBE
3-TIVARI
4-CHATURVEDI
5se-PANDE
Sab ka ho to-MISHRA
Or kisika B pata na ho to-GUPTA
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वो अक्सर मुझसे पूछा करती थी,
तुम मुझे कभी छोड़ कर तो नहीं जाओगे,
काश मैंने भी पूछ लिया होता..
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रास्तें में कुछ लोग मिलकर एक युवक को पीट रहे थे, मैं रुक कर वीडियो बनाने लगा तभी उनमें से एक चिल्लाया ” अबे इसको छोड़ एक और वीडियो बना रहा है पकड़ उसको” !
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तुम्हे फुरसत हो दुनियां से तो कभी आकर मिलना,
हमारे पास सिवा फुरसत के और रह क्या गया है..
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शादी एक ऐसा दिन है
जब लड़का स्टेज पर अपनी दुल्हन के साथ बैठे हुए
दूसरी लड़कियों को देखकर सोचता है…
.
“ये सब आज से पहले कहाँ मर गई थी
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एक बार एक आदमी अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए कोई तोहफा ढूंढ रहा था
तो उसने देखा कि जानवरों की एक दुकान पर सेल का बोर्ड टंगा हुआ है।
वो झट से दुकान के अंदर घुस गया और इधर-उधर देखने लगा।
तभी उसे वहां पिंजरे में एक तोता दिखाई दिया, लेकिन सभी जानवरों की बिक्री नीलामी बोली से हो रही थी।
जब तोता नीलामी के लिए आया तो बोली सबसे ऊँची गयी पर आखिरी बोली उसी आदमी के नाम पर ही छूटी।
आदमी खुश हो गया और वह तोता लेकर बाहर निकल आया। बाहर आते-आते उसे ख्याल आया कि कहीं उसका चुतिया तो नहीं बना दिया। पता नहीं यह तोता बोलता भी है या नहीं।
वह वापिस दुकान में गया और मालिक से पूछा कि यह तोता सच में बोलता है या तुम लोगों ने मुझे चुतिया बना दिया है।
इससे पहले कि दुकानदार कुछ बोलता, तोते ने जवाब दिया, “साले हम तुम्हे चुतिया क्यों बनाएंगे तुझे तो यह भी नहीं पता चला कि तेरे खिलाफ बोली मैं खुद ही बड़ा रहा था।
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तु बेशक अपनी महफिल मे हमे बदनाम करती है,
.
पर तुझे अनदाजा भी नही है कि
वो लोग भी पैर छुते है मेरे,
.
जिन्हे तु भरी महफिल मे झुक के सलाम करती है ණ
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लम्हों की दौलत से दोनों ही महरूम रहे,
मुझे चुराना न आया, तुम्हें कमाना न आया।
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मुस्कुराना ही ख़ुशी नहीं होती,
उमर बिताना ही जिन्दगी नहीं होती,
खुद से भी ज्यादा खयाल रखना पड़ता है दोस्तों का,
क्यूंकि सिर्फ दोस्त कहना ही दोस्ती नहीं होती !!
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Mera har pal aaj khoobsurat hain,
Dil mein jo sirf teri hi soorat hain,
Kuch bhi kahe ye duniya gum nahi
Duniya se jyada hamein teri jarurat hai
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प्रेमी: मुझे एक किस दे दो!
प्रेमिका: नहीं अगर मैं गर्भवती हो गई तो?
प्रेमी: किस करने से गर्भवती नहीं होते!
प्रेमिका: नहीं, अगर मैं एक बार शुरू हो गई तो
उसके बाद में अपने आप की भी नहीं सुनती!
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कहाँ पूरी होती है दिल की ख्वाहिशें
सर्दी भी हो..
चाय भी हो..
और वो भी.😰😰
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वक़्त वक़्त की बात है…
जो अंग्रेज हमें गँवार
गरीब कहते थे ,…
आज उनकी छोरियां हमारे IPL में नाचने आती हैं!
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~Gum Is Baat Ka Nahii Kay Tum Be’Waffa Nikley,
Magar Afsos Yeh Haii K Woh Sab Log Sach Nikley,
Jin’Sey Meiin Tere Liiye Larrah Kartii Thii . ‘
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कल टीवी पे स्टार स्क्रीन अवार्ड्स दिखा रहे थे,
मुझे व्यक्तिगत तौर पे इस अवार्ड से बहुत निराशा हुई,
एक भी अवार्ड पिछले साल की ब्लॉकबस्टर हार्दिक पटेल स्टारर मूवी को नहीं मिला,
यही तो स्कैम है ।
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कक्षा 7 की बात है
गाँव के सरकारी स्कूल में पढ़ते थे।
संस्कृत का कालांश चल रहा था।
गुरूजी दिवाली की छुट्टियों का कार्य बता रहे थे।
तभी शायद किसी शरारती विद्यार्थी के पटाखे से स्कूल के स्टोर रूम में पड़ी दरी और कपड़ो में आग लग गयी।
देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया।
वहां पड़ा सारा फर्निचर भी स्वाहा हो गया।
सभी विद्यार्थी पास के घरो से, हेडपम्पों से जो बर्तन हाथ में आया उसी में पानी भर भर कर आग बुझाने लगे।
आग शांत होने के काफी देर बाद स्टोर रूम में घुसे तो सभी विद्यार्थियों की दृष्टि स्टोर रूम की बालकनी(छज्जे) पर जल कर कोयला बने पक्षी की ओर गयी।
पक्षी की मुद्रा देख कर स्पष्ट था कि पक्षी ने उड़ कर अपनी जान बचाने का प्रयास तक नही किया था और वह स्वेच्छा से आग में भस्म हो गया था,
सभी को बहुत आश्चर्य हुआ।
एक विद्यार्थी ने उस जल कर कोयला बने पक्षी को धकेला तो उसके नीचे से तीन नवजात चूजे दिखाई दिए, जो सकुशल थे और चहक रहे थे।
उन्हें आग से बचाने के लिए पक्षी ने अपने पंखों के नीचे छिपा लिया और अपनी जान देकर अपने चूजों को बचा लिया था।
एक विद्यार्थी ने संस्कृत वाले गुरूजी से प्रश्न किया –
“गुरूजी, इस पक्षी को अपने बच्चो से कितना मोह था, कि इसने अपनी जान तक दे दी ?”
गुरूजी ने तनिक विचार कर कहा –
“नहीं,
यह मोह नहीं है अपितु माँ के ममत्व की पराकाष्ठा है, मोह करने वाला ऐसी विकट स्थिति में अपनी जान बचाता और भाग जाता।”
भगवान ने माँ को ममता दी है और इस दुनिया में माँ की ममता से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
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