एक धर्म गुरु एक शराबी को बोला – “इतना दारू पियोगे तो मृत्यु के बाद नरक में जायोगे।”
शराबी – “तो जो दारू बेच रहा है उसका क्या होगा?”
धर्म गुरु – “वो भी नरक में जायेगा।”
शराबी – “फिर जो आदमी शराब की दुकान के सामने नमकीन बेचता है, उसका क्या होगा?”
धर्म गुरु – “उसको भी नरक में जाना पड़ेगा।”
शराबी – “तब क्या प्रॉब्लम है? नरक ही ठीक है।”
गुरूजी – बच्चों बताओ, एक किलो “लोहा” भारी है या एक किलो “कपास”?
छात्र – लोहा।
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गुरूजी – अरे, जब दोनों वस्तुओं का वजन एक किलो है तो लोहा भारी कैसे?
छात्र – नहीं गुरूजी, लोहा ही भारी है।
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गुरूजी – अरे, तराजू के एक पलड़े पर एक किलो लोहा रखो और दूसरे पलड़े पर एक किलो कपास रखो। दोनों पलड़े एक बराबर समानांतर में रहेंगे।
छात्र – नहीं गुरूजी, लोहा ही भारी है।
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गुरूजी – अबे गधे, दोनों का भार एक बराबर है।
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छात्र – ठीक है गुरूजी, आप मुझे एक किलो कपास फेंककर मारिये और मैं आपको एक किलो लोहा फेंककर मारता हूँ।
तब आपको समझ आएगा कि कपास और लोहे में भारी कौन सा है।