अजीब किस्सा है जिन्दगी का,
अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनो को खबर तक नहीं..
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अजीब किस्सा है जिन्दगी का,
अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनो को खबर तक नहीं..
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मुर्गी अंडे दे रही थी और मालिक बेंच रहा था।
मुर्गी देशहित में अंडे दे रही थी।
उसके मालिक ने कहा था-
’’ आज राष्ट्र को तुम्हारे अंडों की जरूरत है।
यदि तुम चाहती हो कि तुम्हारा घर सोने का बन जाये तो जम के अंडे दिया करो। आज तक तुमसे अंडे तो लिये गये लेकिन तुम्हारा घर किसी ने सोने का नही बनवाया। हम करेंगे। तुम्हारा विकास करके छोड़ेंगे।’’
मुर्गी खुशी से नाचने लगी।
उसने सोचा देश को मेरी भी जरूरत पड़ती है।
वाह मैं एक क्या कल से दो अंडे दूंगी।
देश है तो मैं हूं।
वह दो अंडे देने लगी।
मालिक खुश था।
अंडे बेचकर खूब पैसे कमा रहा था।
मालिक निहायत लालची सेठ था।
उसने मुर्गी की खुराक कम कर दी।
मुर्गी चौंकी। -’’ आज मुझे पर्याप्त खुराक नहीं दी गई। कोई समस्या है क्या ?’’
-’’ देश आज संकट में है। किसी भी मुर्गी को पूरा अन्न खाने का हक नहीं। जब तक एक भी मुर्गी भूखी है मैं खुद पूरा आहार नहीं लूंगी। हम देश के लिए संकट सहेंगे।’’
मुर्गी आधा पेट खाकर अंडे देने लगी। मालिक अंडे बेचकर अपना घर भर रहा था।
बरसात में मुर्गी का घर नहीं बन पाया।
मुर्गी बोली- आप मेरे सारे अंडे ले रहे हैं। मुझे आधा पेट खाने को दे रहे है। कहा था कि घर सोने का बनेगा। नहीं बना। मेरे घर की मरम्मत तो करवा दो।
मालिक भावुक हो गया।
बोला “तुमने कभी सोचा है इस देश में कितनी मुर्गियां हैं जिनके सर पर छत नहीं हैं। रात-रात भर रोती रहती हैं। तुम्हें अपनी पड़ी है। तुम्हें देश के बारे में सोचना चाहिए। अपने लिए सोचना तो स्वार्थ है।’’
मुर्गी चुप हो गई। देशहित में मौन रहने में ही उसने भलाई समझी।
अब वह अंडे नहीं दे पा रही थी।
कमजोर हो गई थी।
न खाने का ठिकाना न रहने का।
वह बोलना चाहती थी लेकिन भयभीत थी।
वह पूछना चाहती थी-
“इतने पैसे जो जमा कर रहे हो- वह क्यों और किसके लिए?
देशहित में कितना लगाया है?”
लेकिन पूछ नहीं पाई।
एक दिन मालिक आया और बोला- ’’ मेरी प्यारी मुर्गी तुझे देशहित में मरना पड़ेगा। देश तुमसे बलिदान मांग रहा है। तुम्हारी मौत हजारों मुर्गियों को जीवन देगा।’’
मुर्गी बोली “लेकिन मालिक मैने तो देश के लिय बहुत कुछ किया है,”
मालिक ने कहा अब तुम्हे शहीद होने पड़ेगा।
बेचारी मुर्गी को अब सब कुछ समझ आ गया था
लेकिन अब वक्त जा चुका था और मुर्गी कमज़ोर हो चुकी थी, मालिक ने मुर्गी को बेच दिया।
मुर्गी किसी बड़े भूखे सेठ के पेट का भोजन बन चुकी थी।
मुर्गी देशहित में शहीद हो गई.
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जहाज में तेल कम था मैंने पॉयलेट से कहा
– जहाज थोड़ा टेढ़ा कर लो उसने किया और जहाज स्टार्ट हो गया।
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पति: अरे सुनो, मुन्ना रो रहा है चुप कराओ इसे। पत्नी (गुस्से में): मैं काम करू या बच्चे संभालू, मैं इसे दहेज़ में नहीं लायी थी, खुद ही चुप करा लो पति : फिर रोने दे… मैं कौनसा इसे बारात में लेकर गया था
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Kuch nae mila bus ek sabaq de gaya..!!
Khak ho jata hai insan khak se bane insan k liye
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TL
G1: Had to fire an employee today 🙁
G2: Corporate world is not for everyone
DM
G2: Naukri mil gayi Didi??
G1: Nahi, maid ko nikaala yar
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परिवार के शादी के जबरदस्त दबाव के चलते मुझे शादी के लिए एक सुंदर लड़की से मिलवाया गया…
मिलने के बाद लड़की ने मेरी नौकरी को नापसंद करते हुए मुझे Reject कर दिया…
में खिसियाते हुए बोला कि तुम गलती कर रही हो देखना 5 साल बाद यही नौकरी मुझे कितना ऊपर ले जाएगी।
अलबत्ता, एक साल बाद मेने दूसरी लड़की से शादी कर ली।
5 साल बाद…
मैने उसी खूबसूरत लड़की को अपने पति के साथ Brand New Audi कार में एक ट्रैफिक सिग्नल पर देखा,और में उस समय मेरे Activa को किक मार रहा था क्योंकि उसकी बैटरी काम नही कर रही थी,
उसने अपनी कार से मेरी तरफ देखा लेकिन Helmet पहने होने से वह मुझे नही पहचान सकी और दूसरी तरफ देखने लगी।🤔
उस समय अपने दिल की धड़कनों को काबू में रखते हुए, 5 साल बाद मुझे हेलमेट की अहमियत का एहसास हुआ।
इसलिए अपनी सेफ्टी के लिए Helmet हमेशा पहने।
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पिता जी :- रिजल्ट कैसा रहा तुम्हरा…
बेटा :- मास्टर साहब कह रहे थे एक साल और लग जायेगा तुम्हे इस क्लास मे…
पिता जी :- बेटा चाहे दो – तीन साल लग जाये लेकिन फेल ना होना…
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खैरीयत पूछने का ज़माना गया साहिब,,
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आदमी *ऑनलाइन* दिख जाये तो समझ लेना सब ठीक हैं…😉
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भगवान हम सबको *आनलाइन* रखें
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पैगामे मोहब्बत हमने भेज दिया लिफाफे में ❤
मर्ज़ी उसकी लिफाफा खोले या यूं ही रख दे
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पत्नी :– ये जो तुम रोज़ फेसबुक पर रोमांटिक शायरियाँ लिखते हो कि, ये तेरी जुल्फें है जैसे रेशम की डोर, ये किसके लिये लिखते हो ?
पति :– पगली तेरे लिये ही लिखता हूँ,
.
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पत्नी :– तो फिर वो रेशम की डोर कभी दाल में आ जाती है तो इतना चिल्लाते क्यूँ हो
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रजनीकांत और केजरीवाल
की
मुलाकात हो जाती है..!
रजनीकांत ~ मेरे गाँव
में
लाइट नहीं थी..!
मैं अगरबत्ती जलाकर
उसकी
रौशनी में पढ़ता था ।
केजरीवाल ~ हमारे
गाँव में भी
बिजली नहीं थी और
हमारे पास
अगरबत्ती के पैसे भी
नहीं थे..!
फिर भी मैं पढ़ा ।
रजनीकांत ~ कैसे..?
केजरीवाल ~ मेरा एक दोस्त था प्रकाश..
उसे
पास बिठा कर
पढता था।
एक दिन प्रकाश
भीग गया
वो नहीं आया फिर भी
मैं पढ़ा ।
रजनीकांत ~ कैसे..?
केजरीवाल ~ गाँव में
ज्योति
नाम की लड़की भी तो
थी ।
उसके पास बैठ कर।
रजनीकांत बेहोश..
आज तक के इतिहास
मे पहली
बार कोई रजनीकांत
पर
भारी पड़ा है..!
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प्राइमरी क्लास में मास्टर साहब गणित सिखा रहे थे.
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मास्टर साहब – “बेटा, मान लो मैंने तुम्हें 10 लड्डू दिए !”
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पप्पू – “क्यों मान लूँ … आपने तो मुझे एक भी नहीं दिया ?”
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मास्टर साहब – “अरे मान ले न ! मानने में तेरे बाप का क्या जाता है ?”
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पप्पू – “ठीक है …”
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मास्टर साहब – “हाँ, तो उसमें से 5 तुमने मुझे वापस दे दिए … तो बताओ तुम्हारे पास कितने लड्डू बचे ?”
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पप्पू – “20 !!!”
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मास्टर साहब – “कैसे ?”
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पप्पू – “मान लीजिए ना ! मानने में आपके बाप का क्या जाता है
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Muhabbat hai l nafrat hai kOi itna tO smjhay ..
Kabhi main dil se larti hu ,kabhi dil mujh se larta hai ..
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राष्ट्रपति भवन में पार्टी शुरू हो चुकी है,
वेटर- सर् आप क्या लेंगे?
आडवाणी- लेनी तो शपथ थी पर तु जलजीरा ही दे दे
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संता केले के छिलके से फिसल कर गिर गया।
आगे चला तो दूसरे छिलके से फिसल कर गिर गया।
थोड़ा और आगे चला तो उसे तीसरा छिलका दिख गया।
संता बोला- धत् तेरे की, अब फिर से गिरना पड़ेगा .. !
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