Ek Sach Chupa Hota Hai:”Jab Koi Kisi Ko
Kehta Hai Ki
“Mazak Tha Yaar”
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Ek Feeling Chupi Hoti Hai:”Jab Koi Kehta Hai
“Mujhe Koi Farq
Nahi Padta”
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Ek Dard Chupa Hota Hai:”Jab Koi Kehta Hai
“Its Ok”
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Ek Zarurat Chupi Hoti Hai:”Jab Koi Kehta Hai
“Mujhe Akela
Chhod Do”
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Ek Gehri Bat Chupi Hoti Hai:”Jab Koi Kehta Hai
“Pata Nahi”
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Ek Samundar Chupa Hota Hai
Bato Ka:”Jab Koi
“Khamosh Rehta hai”
संता टीचर – जब बिजली कड़कती है तो चमक पहले दिखाई देती है और आवाज बाद में सुनाई देती है … क्यों ?
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बंता स्टूडेंट – क्योंकि हमारी आँखें आगे हैं और कान पीछे … !!!
गुरु : चाणक्य ने कहा था..
आपको एक ही दुश्मन से बार-बार युद्ध नही लड़ना चाहिए वरना आप अपने तमाम ‘युद्ध कौशल’ उसे सिखा देंगे।
(पति पत्नी के संबंधो में भी यही होता है। दोनों योद्धा जिन्दगी भर लड़ते-लड़ते एक दुसरे के वारों से इतना परिचित हो जाते हैं कि युद्ध जिन्दगी भर चलता रहता है पर हल कुछ निकलता नही।)
शिष्य : तो फिर गुरुजी, क्या करना चाहिए?👸👸👸
गुरु : दुश्मन बदलते रहना चाहिये।