पत्नी :– ये जो तुम रोज़ फेसबुक पर रोमांटिक शायरियाँ लिखते हो कि, ये तेरी जुल्फें है जैसे रेशम की डोर, ये किसके लिये लिखते हो ?
पति :– पगली तेरे लिये ही लिखता हूँ,
.
.
पत्नी :– तो फिर वो रेशम की डोर कभी दाल में आ जाती है तो इतना चिल्लाते क्यूँ हो


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