Sub Categories

Tuta hua phool khusbu de jata hai,
Bita hua pal yaaden de jata hai,
Har shakhs ka apna andaz hota hai,
Koi zindgi me Pyar, To,
Koi Pyar Me zindgi de jata hai…

Loading views...



Kaam aisa karo ki naam ho jaye, ya phir,
Naam aisa karo ki sunte he kaam ho jaye…!

Loading views...

पति : “क्या हुआ..घर के बाहर इतनी भीड क्यूँ है…????
पत्नी : “कुछ नहीं… मैंने पडोसियों से कहा कि हमारे दामाद आ रहे हैं मुम्बई से…”
पति : “तो इतनी भीड़ क्यूँ लग गई..?”
पत्नी : “अरे जानूं, मैं English सीख रही हूँ ना, तो मैंने उन सबसे वह बात English में कही…”
पति : “क्या कहा तुमने English में…?”
पत्नी : “मैंने कहा कि… आज हमारे घर SUNNY LEONE आ रहे हैं…”
पति : “भगवान के लिए बन्द करो अपनी Angrezi…. वो Sunny Leone नहीं.. Son-in-law होता है..।।”

Loading views...

*भारत में सबसे बड़ी दिक्कत यह है*
*की*

*ज्यादातर अमीरजादे अपने बाप*
*को नहीं जानते है* ।

*वह हमेशा पूछते रहते हैं । तू जानता है*
*मेरा बाप कौन है* ?

Loading views...


“संता U.S.A घूमने गया।
वहाँ एक बिल्डिंग में आग लग गयी थी।
संता फायर ब्रिगेड से –
तुम लोगो को नीचे फेंको में केच करूँगा ।
पहले 1 लड़का आया, फिर लड़की, फिर आदमी, फिर औरत,
फिर
एक अफ्रिकी(ब्लेक आदमी) आया तो संता ने छोड़ दिया,
और बोला
अबे सालो जो जल गये है उनको तो मत फेंको

Loading views...


मेरे एक शुभचिंतक ने मुझे यह सुझाव दिया –
कि wife से बहस से नहीं जीतो,
बल्कि अपनी मुस्कान से हराओ।
मैंने प्रयास किया ••••••
Wife बोली-
बहुत ज्यादा हंसी आ रही है तुमको आजकल??
लगता है तुम्हारा भूत उतारना पड़ेगा ।।

Loading views...


जब बेहद प्यार हो चुका था,
तब उसने बताया कि ये DP मेरी नहीं ☝है

Loading views...

बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। एक शिष्य ने पूछा- “कर्म क्या है?”
बुद्ध ने कहा- “मैं तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ।”
एक राजा हाथी पर बैठकर अपने राज्य का भ्रमण कर रहा था।अचानक वह एक दुकान के सामने रुका और अपने मंत्री से कहा- “मुझे नहीं पता क्यों, पर मैं इस दुकान के स्वामी को फाँसी देना चाहता हूँ।”
यह सुनकर मंत्री को बहुत दु:ख हुआ। लेकिन जब तक वह राजा से कोई कारण पूछता, तब तक राजा आगे बढ़ गया।
अगले दिन, मंत्री उस दुकानदार से मिलने के लिए एक साधारण नागरिक के वेष में उसकी दुकान पर पहुँचा। उसने दुकानदार से ऐसे ही पूछ लिया कि उसका व्यापार कैसा चल रहा है? दुकानदार चंदन की लकड़ी बेचता था। उसने बहुत दुखी होकर बताया कि मुश्किल से ही उसे कोई ग्राहक मिलता है। लोग उसकी दुकान पर आते हैं, चंदन को सूँघते हैं और चले जाते हैं। वे चंदन कि गुणवत्ता की प्रशंसा भी करते हैं, पर ख़रीदते कुछ नहीं। अब उसकी आशा केवल इस बात पर टिकी है कि राजा जल्दी ही मर जाएगा। उसकी अन्त्येष्टि के लिए बड़ी मात्रा में चंदन की लकड़ी खरीदी जाएगी। वह आसपास अकेला चंदन की लकड़ी का दुकानदार था, इसलिए उसे पक्का विश्वास था कि राजा के मरने पर उसके दिन बदलेंगे।
अब मंत्री की समझ में आ गया कि राजा उसकी दुकान के सामने क्यों रुका था और क्यों दुकानदार को मार डालने की इच्छा व्यक्त की थी। शायद दुकानदार के नकारात्मक विचारों की तरंगों ने राजा पर वैसा प्रभाव डाला था, जिसने उसके बदले में दुकानदार के प्रति अपने अन्दर उसी तरह के नकारात्मक विचारों का अनुभव किया था।
बुद्धिमान मंत्री ने इस विषय पर कुछ क्षण तक विचार किया। फिर उसने अपनी पहचान और पिछले दिन की घटना बताये बिना कुछ चन्दन की लकड़ी ख़रीदने की इच्छा व्यक्त की। दुकानदार बहुत खुश हुआ। उसने चंदन को अच्छी तरह कागज में लपेटकर मंत्री को दे दिया।
जब मंत्री महल में लौटा तो वह सीधा दरबार में गया जहाँ राजा बैठा हुआ था और सूचना दी कि चंदन की लकड़ी के दुकानदार ने उसे एक भेंट भेजी है। राजा को आश्चर्य हुआ। जब उसने बंडल को खोला तो उसमें सुनहरे रंग के श्रेष्ठ चंदन की लकड़ी और उसकी सुगंध को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। प्रसन्न होकर उसने चंदन के व्यापारी के लिए कुछ सोने के सिक्के भिजवा दिये। राजा को यह सोचकर अपने हृदय में बहुत खेद हुआ कि उसे दुकानदार को मारने का अवांछित विचार आया था।
जब दुकानदार को राजा से सोने के सिक्के प्राप्त हुए, तो वह भी आश्चर्यचकित हो गया। वह राजा के गुण गाने लगा जिसने सोने के सिक्के भेजकर उसे ग़रीबी के अभिशाप से बचा लिया था। कुछ समय बाद उसे अपने उन कलुषित विचारों की याद आयी जो वह राजा के प्रति सोचा करता था। उसे अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए ऐसे नकारात्मक विचार करने पर बहुत पश्चात्ताप हुआ।
यदि हम दूसरे व्यक्तियों के प्रति अच्छे और दयालु विचार रखेंगे, तो वे सकारात्मक विचार हमारे पास अनुकूल रूप में ही लौटेंगे। लेकिन यदि हम बुरे विचारों को पालेंगे, तो वे विचार हमारे पास उसी रूप में लौटेंगे।
यह कहानी सुनाकर बुद्ध ने पूछा- “कर्म क्या है?” अनेक शिष्यों ने उत्तर दिया- “हमारे शब्द, हमारे कार्य, हमारी भावनायें, हमारी गतिविधियाँ…”
बुद्ध ने सिर हिलाया और कहा- *”तुम्हारे विचार ही तुम्हारे कर्म हैं।”*

Loading views...

Santa ki tapsya se khush ho kr bhagwan bole-
.
‘VAR MANGO VATS’
.
Santa- prabhu!! jaisa aap soch rhe he mein vaisa nhi hu…
.
.
MUJHE VADHU CHAHIYE’.

Loading views...


मुझ पर इलज़ाम झूठा है….
_यारों…_
मोहब्बत की नहीं..हो गयी थी….!!

Loading views...


Tumhari Khusbu Se Mehakti Hai Wo Gazle Bhi,
Jinme Likhti Hu Mai “Ki Tumhe Bhul Gai Hu.”

Loading views...

एक लड़का बैट और बॉल लेकर अपने घर के पीछे बने मैदान में गया..
वह जा के खुद से ही बोला..
मै दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हूँ
उसने पहली बॉल खुद ही हवा में उछाली और बैट घुमा दिया..
पर नहीं लगी..
दूसरी बॉल उछाली..
वो भी खाली..
लड़का फिर बोला..
में दुनिया का माना हुआ बल्लेबाज हूँ….
फिर तीसरी बॉल उछाली
वो भी बल्ले से नहीं लगी..
लड़का फिर बोला..
में भारत का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हूँ….
फिर चौथी बॉल उछाली..
वो भी नहीं लगी..
लड़का फिर बोला
में एक अच्छा बल्लेबाज तो हूँ ही…..
फिर पांचवी बॉल उछाली..
और बात को घुमा दिया..
पर वो भी खाली..
लड़का फिर बोला..
नहीं नहीं.. में तो बेहतरीन आल राउंडर हूँ….
अब थी ओवर की लास्ट बॉल..
उसने उछाली..
बैट घुमाया..
पर वो भी खाली..
लड़का ख़ुशी से पागल हो गया..
और कहने लगा..
वाह वाह..
में तो दुनिया का बेहतरीन बॉलर हूँ….
.
.
.
.
मेडेन ओवर.

Loading views...


मैं दुनिया की खौफनाक हकीकत को, क्या बयाँ करूँ ?
यहाँ तो गर्भ में पल रही मासूम से भी, लोगों की दुश्मनी है.

Loading views...

घर की इज्जत बेटियों के हाथ में होती है और
प्रॉपर्टी के कागज़ नालायकों के हाथ में

Loading views...

पत्नी- सुनो आज रात को दिल्ली वाली बुआजी की बेटी के बच्चे का बर्थ डे,वहां चलना है

मैं-आज रात?

प- हां

मैं-टेबल पर तलाक के कागज़ रखे हैं

Loading views...