एक ताबुत बनाने वाला ताबुत की डिलेवरी करने जा रहा था कि उसकी गाड़ी खराब हो गई।
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डिलीवरी अर्जेंट थी, तो उसने ताबुत सिर पर उठाया और चलने लगा.
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.रास्ते में एक रिश्वतखोर पुलिसवाले ने लालच में उसे रोक लिया
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.”यह क्या ले जा रहे हो?” पुलिस वाले ने धमकाते हुए पूछा।
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घबरा कर आदमी बोला
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“जहां दफनाया gaya था, वो जगह मुझे पसंद नहीं… अपना ताबुत लेकर नई जगह तलाश रहा हूं.
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पुलिसवाला बेहोश!!! अभी ICU में है…
मखा प्रधान तीन छोरी होली पैदा … नोटबंदी … जीऐसटी … मंहगाई …
वा छोरा विकास कद पैदा करैगा … जिसके रुक्के देदे ब्याह करया था …
बोल्या … भाई नसबंदी कराली राए … म्हारी छोरियां छोरों तै कम हैं के …
ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक हैं,
तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक हैं,
वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी,
हमें तो देखना है, तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं..
टीचर : तुम्हारे पास 10 आम हैं उनमें से 2 कोई ले ले,तो तुम्हारे पास कितने आम बचेंगे? 🤨
बच्चा : 10 आम ! एक भी नही लेने दूंगा !! 😠
टीचर : अगर कोई 2 आम ज़बरदस्ती छीन ले तो कितने बचेंगे ? 🤨
बच्चा : 1 लाश और 10 आम..