Heart touching story <3
.
एक सभ्रांत प्रतीत होने वाली अतीव सुन्दरी ने विमान में प्रवेश किया और अपनी सीट की तलाश में नजरें घुमाईं । उसने देखा कि उसकी सीट एक ऐसे व्यक्ति के बगल में है जो जिसके दोनों ही हाथ नहीं है। महिला को उस अपाहिज व्यक्ति के पास बैठने में झिझक हुई !
.
उस 'सुंदर' महिला ने एयरहोस्टेस को कहा कि वह उसके लिए नियत सीट पर सुविधापूर्वक यात्रा नहीं कर पायेगी, क्योंकि साथ की सीट पर एक दोनों हाथ विहीन व्यक्ति बैठा हुआ है | उस सुन्दरी ने एयरहोस्टेस से सीट बदलने हेतु आग्रह किया |
असहज हुई एयरहोस्टेस ने पूछा, "मैम क्या मुझे कारण बता सकती है"?
Z
'सुंदर' महिला ने जवाब दिया: "मैं ऐसे लोगों को पसंद नहीं करती। मैं ऐसे व्यक्ति के पास बैठकर यात्रा नहीं कर पाउंगी "।
.
दिखने में सभ्रांत और विनम्र प्रतीत होने वाली महिला के यह उद्गार सुनकर एयर हॉस्टेज़ अचंभित हो गई । सुन्दरी ने एक बार फिर एयरहोस्टेस से जोर देकर कहा कि मैं उस सीट पर नहीं बैठ सकती और मुझे कोई दूसरी सीट दे दी जाए ।
एयरहोस्टेस ने खाली सीट की तलाश में चारों ओर नजर घुमाई, पर कोई भी सीट खाली नहीं दिखी ।
.
एयरहोस्टेस ने महिला से कहा कि "मैडम इस इकोनोमी क्लास में कोई सीट रिक्त नहीं है, किन्तु यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना हमारा दायित्व है, अतः मैं वायुयान के कप्तान से बात करती हूँ, कृपया तब तक थोडा धैर्य रखें "। ऐसा कहकर होस्टेस कप्तान से बात करने चली गई |
.
कुछ समय बाद उसने लौट कर महिला को बताया, "महोदया! आपको जो असुविधा हुई, उसके लिए बहुत खेद है | इस पूरे विमान में, केवल एक सीट खाली है और वह प्रथम श्रेणी में है।
.
मैंने हमारी टीम से बात की और हमने एक असाधारण निर्णय लिया। एक यात्री को इकोनॉमी क्लास से प्रथम श्रेणी में भेजने का कार्य हमारी कंपनी के इतिहास में पहली बार हो रहा है … "।
.
'सुंदर' महिला अत्यंत प्रसन्न हो गई, किन्तु इसके पहले कि वह अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करती और एक शब्द भी बोल पाती …
.
एयरहोस्टेस उस अपाहिज और दोनों हाथ विहीन व्यक्ति की ओर बढ़ गई और विनम्रता पूर्वक उनसे पूछा "सर, क्या आप प्रथम श्रेणी में जा सकेंगे ?
.
क्योंकि हम नहीं चाहते कि आप एक अशिष्ट यात्री के साथ यात्रा करने की त्रासदी भुगतें । "
.
यह सुनकर प्रत्येक यात्री ने ताली बजाकर इस निर्णय का स्वागत किया। वह अतीव सुन्दरी महिला तो अब शर्म से नजरें ही नहीं उठा पा रही थी।
.
तब उस अपाहिज व्यक्ति ने खड़े होकर कहा, "मैं एक भूतपूर्व सैनिक हूँ और मैंने एक ऑपरेशन के दौरान कश्मीर सीमा पर हुए बम विस्फोट में अपने दोनों हाथ खोये थे ।
.
सबसे पहले, जब मैंने इन देवी जी की चर्चा सुनी,
तब मैं सोच रहा था: मैंने भी किन लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और अपने हाथ खोये ?
.
लेकिन जब आप सभी की प्रतिक्रिया देखी तो अब अपने आप पर गर्व महसूस हो रहा है कि मैंने अपने देश और देशवासियों की खातिर अपने दोनों हाथ खोये ।
.
और इतना कह कर, वह प्रथम श्रेणी में चले गए।
'सुंदर' महिला पूरी तरह से शर्मिंदा होकर सर झुकाए सीट में गढ़ गई।
.
.
उस अतीव सौंदर्य का भी कोई मूल्य नहीं अगर विचारों में उदारता न हो .

Loading views...



Zindagi meih do chize Kabhi mat krna….
1) Jhute insaan se pyar ,.
2) Aur sache insaan ke saath time pass.. !!

Loading views...

कितने अजीब होते हैं इंसान,

अगर उसके बारे में “सच” कहो तो वो “बुरा” मान लेता हैं,

और दूसरे के बारे में “बुरा” कहो तो वो “सच” मान लेता हैं….! 🙏👌

Loading views...

अकेले बैठोगे, तो मसले जकड लेंगे.,

ज़रा सा वक़्त सही , दोस्तों के नाम करो….

Loading views...


अपनी कमजोरियो का जिकर
कभी ना करना
दुनिया के सामने
.
सुना है लोग कटी पंतग
को जमकर
लूटा करते है

Loading views...

धर्म के ठेकेदार नजर आते हैं
लाशों के बाजार नजर आते है
पता नही तू है या नही है,एै ऊपरवाले
सब तेरे नाम पे लिए तलवार नजर आते हैं

Loading views...


बैठे बैठे ज़िन्दगी बरबाद ना की जिए,
ज़िन्दगी मिलती है कुछ कर दिखाने के लिए,
रोके अगर आसमान हमारे रस्ते को,
तो तैयार हो जाओ आसमान झुकाने के लिए

Loading views...


kehte hain zindagi kaa aakhri thikaana khuda
kaa ghr hai,
kuch achaa kr le musaafir kisi k ghar khaali
haath nahi jaate.

Loading views...

किसी भी मनुष्य कि वर्तमान स्तिथि को देखकर
उसके भविष्य का उपहास मत उडाऔ
.
क्योकि
.
समय मे इतनी शक्ति है कि वह एक साधारन से कोयलो को भी धीरे-धीरे एक किमती हीरे मे बदल देता है

Loading views...

जिंदगी जीलो साहब..

बाकी एक दिन ऐसा आयेगा

कि आपके ही प्रोग्राम में

आपकी गैरहाजिरी होगी

Loading views...


*स्वर्ग का सपना छोड़ दो*,
*नर्क का डर छोड़ दो* ,
*कौन जाने क्या पाप ,*
*क्या पुण्य* ,
*बस…………*
*किसी का दिल न दुखे*
*अपने स्वार्थ के लिए* ,
*बाकी सब*
*कुदरत पर छोड़ दो*

Loading views...


बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। एक शिष्य ने पूछा- “कर्म क्या है?”
बुद्ध ने कहा- “मैं तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ।”
एक राजा हाथी पर बैठकर अपने राज्य का भ्रमण कर रहा था।अचानक वह एक दुकान के सामने रुका और अपने मंत्री से कहा- “मुझे नहीं पता क्यों, पर मैं इस दुकान के स्वामी को फाँसी देना चाहता हूँ।”
यह सुनकर मंत्री को बहुत दु:ख हुआ। लेकिन जब तक वह राजा से कोई कारण पूछता, तब तक राजा आगे बढ़ गया।
अगले दिन, मंत्री उस दुकानदार से मिलने के लिए एक साधारण नागरिक के वेष में उसकी दुकान पर पहुँचा। उसने दुकानदार से ऐसे ही पूछ लिया कि उसका व्यापार कैसा चल रहा है? दुकानदार चंदन की लकड़ी बेचता था। उसने बहुत दुखी होकर बताया कि मुश्किल से ही उसे कोई ग्राहक मिलता है। लोग उसकी दुकान पर आते हैं, चंदन को सूँघते हैं और चले जाते हैं। वे चंदन कि गुणवत्ता की प्रशंसा भी करते हैं, पर ख़रीदते कुछ नहीं। अब उसकी आशा केवल इस बात पर टिकी है कि राजा जल्दी ही मर जाएगा। उसकी अन्त्येष्टि के लिए बड़ी मात्रा में चंदन की लकड़ी खरीदी जाएगी। वह आसपास अकेला चंदन की लकड़ी का दुकानदार था, इसलिए उसे पक्का विश्वास था कि राजा के मरने पर उसके दिन बदलेंगे।
अब मंत्री की समझ में आ गया कि राजा उसकी दुकान के सामने क्यों रुका था और क्यों दुकानदार को मार डालने की इच्छा व्यक्त की थी। शायद दुकानदार के नकारात्मक विचारों की तरंगों ने राजा पर वैसा प्रभाव डाला था, जिसने उसके बदले में दुकानदार के प्रति अपने अन्दर उसी तरह के नकारात्मक विचारों का अनुभव किया था।
बुद्धिमान मंत्री ने इस विषय पर कुछ क्षण तक विचार किया। फिर उसने अपनी पहचान और पिछले दिन की घटना बताये बिना कुछ चन्दन की लकड़ी ख़रीदने की इच्छा व्यक्त की। दुकानदार बहुत खुश हुआ। उसने चंदन को अच्छी तरह कागज में लपेटकर मंत्री को दे दिया।
जब मंत्री महल में लौटा तो वह सीधा दरबार में गया जहाँ राजा बैठा हुआ था और सूचना दी कि चंदन की लकड़ी के दुकानदार ने उसे एक भेंट भेजी है। राजा को आश्चर्य हुआ। जब उसने बंडल को खोला तो उसमें सुनहरे रंग के श्रेष्ठ चंदन की लकड़ी और उसकी सुगंध को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। प्रसन्न होकर उसने चंदन के व्यापारी के लिए कुछ सोने के सिक्के भिजवा दिये। राजा को यह सोचकर अपने हृदय में बहुत खेद हुआ कि उसे दुकानदार को मारने का अवांछित विचार आया था।
जब दुकानदार को राजा से सोने के सिक्के प्राप्त हुए, तो वह भी आश्चर्यचकित हो गया। वह राजा के गुण गाने लगा जिसने सोने के सिक्के भेजकर उसे ग़रीबी के अभिशाप से बचा लिया था। कुछ समय बाद उसे अपने उन कलुषित विचारों की याद आयी जो वह राजा के प्रति सोचा करता था। उसे अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए ऐसे नकारात्मक विचार करने पर बहुत पश्चात्ताप हुआ।
यदि हम दूसरे व्यक्तियों के प्रति अच्छे और दयालु विचार रखेंगे, तो वे सकारात्मक विचार हमारे पास अनुकूल रूप में ही लौटेंगे। लेकिन यदि हम बुरे विचारों को पालेंगे, तो वे विचार हमारे पास उसी रूप में लौटेंगे।
यह कहानी सुनाकर बुद्ध ने पूछा- “कर्म क्या है?” अनेक शिष्यों ने उत्तर दिया- “हमारे शब्द, हमारे कार्य, हमारी भावनायें, हमारी गतिविधियाँ…”
बुद्ध ने सिर हिलाया और कहा- *”तुम्हारे विचार ही तुम्हारे कर्म हैं।”*

Loading views...

किसी से बदला लेने का आनंद दो-चार दिन मिलता है,

पर किसी को क्षमा करने का सुकून जिंदगी भर रहता है !! 🙏🙏

Loading views...


भूल जाओ बीते हुए कल को
दिल में बसा लो आने वाले पल को,
मुस्कुराओ चाहे जो भी हो पल
खुशियां लेकर आएगा आने वाला कल
आप सभी को नया साल मुबारक

Loading views...

भाग्यशाली वे नही होते…
जिन्हें सब कुछ अच्छा मिलता है
बल्कि वे होते हैं
जिन्हें जो मिलता है
वो उसे अच्छा बना लेते हैं |

Loading views...

बहाने (Excuses) बनाम (Vs) सफलता (Success)* अवश्य पढ़े प्रेरणादायक (Must Read! Very Motivational)
बहाना 1 :- मेरे पास *धन नही….*
जवाब :- इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन *नारायणमूर्ति* के पास भी *धन नही था,* उन्होंने अपनी *पत्नी के गहने बेचने पड़े…..*
बहाना 2 :- मुझे *बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी…..*
जवाब :- *लता मंगेशकर* को भी *बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी थी….*
बहाना 3 :- मैं *अत्यंत गरीब घर से हूँ….*
जवाब :- पूर्व राष्ट्रपति *अब्दुल कलाम भी गरीब घर से थे….*
बहाना 4 :- बचपन में ही मेरे *पिता का देहाँत हो गया था….*
जवाब :- प्रख्यात संगीतकार *ए.आर.रहमान के पिता का भी देहांत बचपन में हो गया था….*
बहाना 5 :- मुझे *उचित शिक्षा लेने का अवसर नही मिला….*
जवाब :- *उचित शिक्षा का अवसर फोर्ड मोटर्स के मालिक हेनरी फोर्ड को भी नही मिला….*
बहाना 6 :- मेरी *उम्र बहुत ज्यादा है….*
जवाब :- *विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन के मालिक ने 60 साल की उम्र मे पहला रेस्तरा खोला था….*
बहाना 7 :- मेरी *लंबाई बहुत कम है….*
जवाब :- *सचिन तेंदुलकर की भी लंबाई कम है….*
बहाना 8 :- *बचपन से ही अस्वस्थ था….*
जवाब :- *आँस्कर विजेता अभिनेत्री मरली मेटलिन भी बचपन से बहरी व अस्वस्थ थी….*
बहाना 9 :- मैं *इतनी बार हार चूका, अब हिम्मत नहीं…*
जवाब :- *अब्राहम लिंकन 15 बार चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने….*
बहाना 10 :- *एक दुर्घटना मे अपाहिज होने के बाद मेरी हिम्मत चली गयी…..*
जवाब :- *प्रख्यात नृत्यांगना सुधा चन्द्रन के पैर नकली है….*
बहाना 11 :- मुझे *ढ़ेरों बीमारियां है…..*
जवाब :- *वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी अनेको बीमारियो थी, राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर काम नही करते थे…..*
बहाना 12 :- मैंने *साइकिल पर घूमकर आधी ज़िंदगी गुजारी है….*
जवाब :- *निरमा के करसन भाई पटेल ने भी साइकिल पर निरमा बेचकर आधी ज़िंदगी गुजारी….*
बहाना 13 :- मुझे *बचपन से मंद बुद्धि कहा जाता है….*
जवाब :- *थामस अल्वा एडीसन को भी बचपन से मंदबुद्धि कहा जाता था….*
बहाना 14 :- मैं *एक छोटी सी नौकरी करता हूँ, इससे क्या होगा….*
जवाब :- *धीरु अंबानी भी छोटी नौकरी करते थे….*
बहाना 15 :- मेरी *कम्पनी एक बार दिवालिया हो चुकी है, अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा….*
जवाब :- *दुनिया की सबसे बड़ी शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी दो बार दिवालिया हो चुकी है….*
बहाना 16 :- मेरा *दो बार नर्वस ब्रेकडाउन हो चुका है, अब क्या कर पाउँगा….*
जवाब :- *डिज्नीलैंड बनाने के पहले वाल्ट डिज्नी का तीन बार नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था…..*
बहाना 17 :- मेरे पास *बहुमूल्य आइडिया है पर लोग अस्वीकार कर देते है…*
जवाब :- *जेराँक्स फोटो कॉपी मशीन के आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने अस्वीकार किया था, लेकिन आज परिणाम सबके सामने है…..*
*सबक…..*
आज आप जहाँ भी है या कल जहाँ भी होंगे इसके लिए आप किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते, इसलिए आज चुनाव कीजिए, *सफलता और सपने चाहिए या खोखले बहाने???*

Loading views...