अधिकारी- ऐसी कौन सी औरत है, जिसे 100% पता हो की उसका पति कहाँ है??
संता सिर खुजलाते हुए- विधवा औरत|
अधिकारी बेहोश
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अधिकारी- ऐसी कौन सी औरत है, जिसे 100% पता हो की उसका पति कहाँ है??
संता सिर खुजलाते हुए- विधवा औरत|
अधिकारी बेहोश
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अगर इश्क करना हैं तो जज्बातो को एहमियत देना सिखो,
चेहरे से शुरु हुई महोब्बत अक्सर बिस्तर पर खत्म होजाती हैंl
इतर से कपड़ों का महकाना कोई बड़ी बात नहीं हे,
मज़ा तो तब है जब आपके किरदार से खुशबु आये
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प्रेस रिपोर्टर ने ट्रक वाले से पूछा
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भाई : भगत सिंह को जानते हो?
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उसने कहा नहीं.
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रिपोर्टर ने पूछा : भाई सुभाष चंद्र बोस को जानते हो?
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ट्रक वाला : नहीं.
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रिपोर्टर : भाई महात्मा गांधी को जानते हो ?
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ट्रक वाला : नहीं
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उसने कहा चंद्रशेखर आजाद को तो जानते ही होगे?
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ट्रक वाला : नहीं 😨
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रिपोर्टर तो फिर तुमने अपने ट्रक के आगे यह क्यों लिखाया है
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शहीदों को प्रणाम 🙏
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ट्रक वाला : अरे भाई,
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यह तो उनके लिए लिखाया है.
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जो मेरे ट्रक के नीचे आ गए थे.
😜😜😜😜😜😜😜😜😜
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मखा प्रधान तीन छोरी होली पैदा … नोटबंदी … जीऐसटी … मंहगाई …
वा छोरा विकास कद पैदा करैगा … जिसके रुक्के देदे ब्याह करया था …
बोल्या … भाई नसबंदी कराली राए … म्हारी छोरियां छोरों तै कम हैं के …
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विदेशी – गांव की औरतें बहुत पिछड़ी हुई हैं
औरत(थप्पड़ मारकर) – हमारे गांव की लड़कियां खेलने मे बहुत अागे हैं
विदेशी – कहां खेलती हैं लड़कियां ?
औरत – गांव की 1% लड़कियां क्रिकेट, टेनिस, हॉकी, बैडमिन्टन
खेलती हैं
विदेशी – और बाकी
औरत –
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बाकी पतियों की जिंदगी से खेलती हैं
विदेशी बेहोश
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~Hum To Agaaz’E-Mohabbat Mein Hi Lutt Gy,
Log Toh Kehte The Ke Anjaam Bura Hota Haii .. ‘
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दर्द कहां मोहताज़ होता है शब्दों का
बस दो आंसू ही काफ़ी है,
बयां करने को…..!!
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कमाल का ताना देती है वो अक्सर मुझे,
कि लिखते तो खूब हो..
समझा भी दिया करो JaANi
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कोई चेहरे का दीवाना, किसी को तन की तलब!!
अदाएं पीछा करवाती हैं, मोहब्बत कौन करता है
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क्यों फूकते हो पैसे सिगरेट, बीड़ी या सिगार में…
कुछ दिन तो गुजारो दिल्ली-एनसीआर में।
Delhi Tourism…..
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-Jab Meiin Kuch Bhii Nahii Sochtii
Tab Bhii Meiin Tumhe Sochtii Hoon .. ‘
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एक बात बोलूं अमेरिका को तुरंत अमित शाह गुजरात वाले को उनके और नार्थ कोरिया के बीच बिचौलिया के लिए बुला सकते है ।
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~Unchi Emaarton Me Chup Gya Makaan Mera
Kuch Log Mere Naseeb Ka Sooraj Bhi Le Gaye .. ^
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स्टेट बैंक की कहानी : 😂
जरूरी नहीं, की
पापों के प्रायश्चित के लिए दान पुण्य ही किया जाए।
स्टेट बैंक में खाता
खुलवा कर भी
प्रायश्चित किया जा सकता है..
छोटा मोटा पाप हो, तो
बैलेंस पता करने चले जाएँ।
चार काउन्टर पर धक्के खाने के बात पता चलता है, कि
बैलेंस गुप्ता मैडम बताएंगी।
गुप्ता मैडम का काउन्टर कौनसा है,
ये पता करने के लिए
फिर किसी काउन्टर पर जाना पड़ता है।
लेवल वन कम्प्लीट हुआ। यानी गुप्ता मैडम का
काउन्टर पता चल गया है।
लेकिन अभी थोड़ा वेट करना पड़ेगा, क्योंकि
मैडम अभी सीट पर नहीं हैं।
आधे घंटे बाद चश्मा लगाए,
पल्लू संभालती हुई,
युनिनोर की 2G स्पीड से चलती हुई गुप्ता मैडम
सीट पर विराजमान हो जाती हैं।
आप मैडम को खाता नंबर देकर बैलेंस पूछते हैं।
मैडम
पहले तो
आपको इस तरह घूरती हैं,
जैसे आपने उसकी
बेटी का हाथ मांग लिया हो।
आप भी अपना थोबड़ा ऐसे बना लेते हैं,
जैसे सुनामी में आपका सबकुछ उजड़ गया है,
और आज की तारीख में
आपसे बड़ा लाचार दुखी कोई नहीं है।
गुप्ता मैडम को
आपके थोबड़े पर तरस आ जाता है, और
बैलेंस बताने जैसा भारी काम करने का मन बना लेती हैं।
लेकिन
इतना भारी काम, अकेली अबला कैसे कर सकती है?
तो मैडम सहायता के लिए आवाज लगाती हैं~
“मिश्रा जीsss, ये बैलेंस कैसे पता करते हैं?”
मिश्राजी,
अबला की करुण पुकार सुनकर अपने
ज्ञान का खजाना खोल देते हैं।
“पहले तो खाते के अंदर जाकर क्लोजिंग बैलेंस पर क्लिक करने पर बैलेंस आ जाता था। लेकिन अभी सिस्टम चैंज हो गया है। अभी आप F5 दबाएँ,
और इंटर मार दे तो
बैलेंस दिखा देगा..”
गुप्ता मैडम
चश्मा ठीक करती हैं,
तीन बार मोनिटर की तरफ और तीन बार की-बोर्ड की तरफ
नजर मारती हैं।
फिर उंगलियाँ की-बोर्ड पर
ऐसे फिरातीं है, जैसे कोई तीसरी क्लास का लड़का वर्ल्ड मैप में सबसे छोटा देश मस्कट ढूंढ रहा हो।
मैडम फिर मिश्रा जी को
मदद के लिए पुकारती हैं~
“मिश्रा जी,
ये F5 किधर है..??”
मैडम की उम्र पचास से ऊपर होने के कारण
शायद मिश्रा जी
पास आकर मदद करने की जहमत नहीं उठाते।
इसलिए
वहीँ बैठे बैठे
जोर से बोलते हैं~ कीबोर्ड में
सबसे ऊपर देखिये मैडम..”
“लेकिन सबसे ऊपर तो
सिर्फ तीन बत्तियां जल रही हैं..”
“हां उन बत्तियों के नीचे है।
लम्बी लाईन है
F1 से लेकर F12 तक..”
Finally,
मैडम को F5 मिल जाता है। मैडम झट से बटन दबा देती है। मोनिटर पर आधे घंटे
जलघड़ी, ( कुछ लोग उसे डमरू समझते हैं ) बनी रहती है।
अंत में
एक मैसेज आता है~
“Session expired. Please check your connection..”
मैडम अपने हथियार डाल देती हैं।
एक नजर, आपके
गरीबी लाचारी से पुते चेहरे पर
डालती हैं और कहती हैं~
“सॉरी, सर्वर में प्रोब्लम है..”
कहने का टोन
ठीक वैसा ही होता है, जैसे
पुरानी फिल्मो में डॉक्टर ओपरेशन थियेटर से बाहर आ कर
कहता था~
“सॉरी!!
हमने बहुत कोशिश की
पर ठाकुर साहब को
नहीं बचा पाए..”
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प्राइमरी क्लास में मास्टर साहब गणित सिखा रहे थे.
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मास्टर साहब – “बेटा, मान लो मैंने तुम्हें 10 लड्डू दिए !”
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पप्पू – “क्यों मान लूँ … आपने तो मुझे एक भी नहीं दिया ?”
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मास्टर साहब – “अरे मान ले न ! मानने में तेरे बाप का क्या जाता है ?”
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पप्पू – “ठीक है …”
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मास्टर साहब – “हाँ, तो उसमें से 5 तुमने मुझे वापस दे दिए … तो बताओ तुम्हारे पास कितने लड्डू बचे ?”
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पप्पू – “20 !!!”
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मास्टर साहब – “कैसे ?”
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पप्पू – “मान लीजिए ना ! मानने में आपके बाप का क्या जाता है
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एक भाई ने स्टेटस चेंज कर तिरंगा लगा लिया
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मगर ना 26 जनवरी थी ना 15 अगस्त का दिन …
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मैंने कारण पूछा तो बोला ……
4 दिन की आजादी मिली है
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तुम्हारी भाभी मायके गई है !!
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