बैंक के नियम–
शाम के 5 बजे थे, बैंक बंद हो ही रहा था कि-
ब्रांच मैनेजर के पास बेहद दिलकश और शहद सी मीठी आवाज में एक भद्र महिला का फोन आया—
” सर, मुझे 2 लाख रुपयों की तुरंत आवश्यकता है और मैं सिर्फ 10 मिनिट में बैंक पहुँच जाऊँगी। क्या आप मेरा इन्तजार कर सकते हैं….?”
उसकी आवाज इतनी मधुर व कर्णप्रिय थी कि, मैनेजर चाहकर भी मना न कर सका,
उसने कैशियर से कहा कि कैश रेडी रखो.. कैशियर ने भुनभुनाते हुए अपने बॉस का ऑर्डर माना..
थोड़ी ही देर बाद एक बदसूरत चेहरे,
बढ़ी हुई तोंद और अज़ीबोगरीब फिगर वाली महिला ने बैंक में प्रवेश किया और बैंक मैनेजर को एक चैक देकर कैश की डिमाण्ड की…
मैनेजर जो एक बहुत खूबसूरत महिला की अपेक्षा में नैन बिछाये बैठा था, उस महिला को देख कर तुरंत अपना इरादा बदल कर बोला,
” देखिए मैडम, आज का कैश क्लोज हो चुका है और आप कल आइएगा ”
कैशियर जो रेडी था, …
ने मैनेजर से पूछा—
” अगर महिला को कैश नहीं देना था तो हमने इतना इन्तजार ही क्यूँ किया ?? ”
मैनेजर—” देख भाई, मैं उसकी हैल्प तो करना चाहता था …
लेकिन, बैंकिंग का ये, अंतर्राष्ट्रीय नियम है कि—
if words and figures don’t match, payment will be declined
एडमिन ने *रूपा* नाम के मेंबर को ग्रुप में ऐड किया… और फिर तुरंत…
*धर्मेन्द्र * : Hiiii रूपा
*अशोक * : hi रूपा How are u?
*उग्रसेन*: हैलो रूपा कुछ मदद लगेगी तो बोलना
*संजय* :हाय रूपा where do u live?
*रूपा* : पुना
*संजय* : great मैे भी पुनामें पढा था
*वीरू* : मेरा मामा का लडका भी पुना रहता है। कुछ भी मदद चाहिये तो बोलना।
*रूपा* : ok Thanks
*सुरजीत* : हाय रूपा तुम्हारा स्टडीज कितना हुआ
*रूपा* : MBA, Symboisis
*राकेश* : great.. best of the colleges
*अशोक* : हाय रूपा तुम्हारा पुरा नाम क्या है ?
*रूपा* : रूपाराम नाई
ग्रुप में एक भयानकसी शांती छा गई.. और फिर…
अशोक left
धर्मेंद्र left
वीरू left
संजय left
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राकेश left