एक बार की बात है कि साहब जी, एक
कंजूस के यहां शादी में गए।
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शादी का पंडाल बड़ा भव्य था और उसमें अंदर जाने के
लिए 2 दरवाजे थे।
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एक दरवाजे पर रिश्तेदार, दूसरे पर दोस्त लिखा था।
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साहब जी, बड़े फख्र से दोस्त वाले दरवाजे से अंदर
गए।
आगे फिर 2 दरवाजे थे,
एक पर महिला, दूसरे पर पुरुष लिखा था।
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साहब जी पुरुष वाले दरवाजे से अंदर गए।
वहां भी 2 दरवाजे और थे,
एक पर गिफ्ट (gift) देने वाला,
दूसरे पर बिना गिफ्ट (without-gift) वाले लिखा था।
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साहब जी को हर बार अपनी
मर्जी के दरवाजे से अंदर जाने में बड़ा मजा आ रहा था
| उसने ऐसा इंतजाम पहली बार देखा था |
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साहब जी बिना-गिफ्ट (without-gift) वाले दरवाजे से
अंदर चले गए।
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जब अंदर जाकर देखा तो साहब जी बाहर
गली में खड़े थे।
और वहॉं लिखा था… शर्म तो आ नहीं
रही होगी,
कंजूस की शादी और मुफ्त (free) में
रोटी खायेगा???
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जा-जा बाहर जा और हवा खा.
कस्टमर बैंक क्लर्क से: सर, अगर मैं आज चेंक जमा करवाऊ तो कब तक क्लियर होगा
क्लर्क : 3 दिन के अन्दर,
कस्टमर: चेंक तो साथ वाली बैंक का है…साथ साथ बैंक होने के बावझूद भी इतना समय क्यों?
क्लर्क: सर, रूल्स फोलो करने पड़ते है, जैसे मान लीजिये आप कही गए और वहां साथ में शमशान घाट है अगर आप वहां मर जाए, तो आपको पहले घर लेकर आयेगे या वही निपटा देना चाहिए ?
अबे कोई पानी लाओ कस्टमर बेहोश हो गया है… LOGIC??
बाप- बेटा, गिनती सीख गए हो ?
बेटा- हाँ पापा !
बाप- तो बताओ 1, 2, 3, 4 के बाद क्या आता है ?
बेटा- 5, 6
बाप- शाबाश! और 5, 6 के बाद..?
बेटा- 7, 8, 9, 10
बाप- शाबाश ! शाबाश ! बहुत होशियार हो गया है तू तो..और बताओ बेटा 10 के बाद क्या आता है ?
बेटा- गुलाम.. बेगम.. बादशाह..!