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Santa To Banta..
Santa-: Mere Mama Ne Mujhse
Choti Si Baat Pe Rishta Tod
Diya..
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Banta-: Kyu..??
Kya Kaha Unhone..?
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Santa-: Unhone Kaha
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Mungfali Me Dana Nahi,
Hum Tumhare Mama Nahi..
Hahahaha.

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योगी राज में महिलाएं कितनी सेफ है उसका ताज़ा उदाहरण यह है कि
अब मायावती को मुलायम सिंह से भी डर नही लगता!

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एक दुकान के बाहर पति बड़े ग़ौर से बोर्ड पर सुंदर लड़की का मिक्सर ग्राइंडर के साथ फोटो देख रहा था…!

पत्नी बड़ी ही नम्रतापूर्वक बोली… घर चलिए… एक्सचेंज ऑफर सिर्फ ‘मिक्सर’ पर है…!

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अध्यापक – बच्चो, बहुवचन किसे कहते है?
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संता — जब बहू ससुराल वालो को

खरी -खोटी सुनाती है तो उसे बहु वचन कहते है।

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समस्या – *”बेटा, मेरी बहुएं मेरा कहना नहीं सुनती। सलवार सूट और जीन्स पहन के घूमती हैं। सर पर पल्ला/चुनरी नहीं रखती और मार्किट चली जाती हैं। मार्गदर्शन करो कि कैसे इन्हें वश में करूँ…”*

*समाधान* – आंटी जी चरण स्पर्श, पहले एक कहानी सुनते हैं, फिर समस्या का समाधान सुनाते हैं।

“एक अंधे दम्पत्ति को बड़ी परेशानी होती, जब अंधी खाना बनाती तो कुत्ता आकर खा जाता। रोटियां कम पड़ जाती। तब अंधे को एक समझदार व्यक्ति ने आइडिया दिया कि तुम डंडा लेकर दरवाजे पर थोड़ी थोड़ी देर में फटकते रहना, जब तक अंधी रोटी बनाये। अब कुत्ता *तुम्हारे हाथ मे डंडा देखेगा और डंडे की खटखट सुनेगा तो स्वतः डर के भाग जाएगा रोटियां सुरक्षित रहेंगी*। युक्ति काम कर गयी, अंधे दम्पत्ति खुश हो गए।

कुछ वर्षों बाद दोनों के घर मे सुंदर पुत्र हुआ, जिसके आंखे थी और स्वस्थ था। उसे पढ़ा लिखाकर बड़ा किया। उसकी शादी हुई और बहू आयी। बहु जैसे ही रोटियां बनाने लगी तो लड़के ने डंडा लेकर दरवाजे पर खटखट करने लगा। बहु ने पूँछा ये क्या कर रहे हो और क्यों? तो लड़के ने बताया ये हमारे घर की परम्परा है, मेरी माता जब भी रोटी बनाती तो पापा ऐसे ही करते थे। कुछ दिन बाद उनके घर मे एक गुणीजन आये, तो माज़रा देख समझ गए। बोले बेटा तुम्हारे माता-पिता अंधे थे, अक्षम थे तो उन्होंने ने डंडे की खटखट के सहारे रोटियां बचाई। लेकिन तुम और तुम्हारी पत्नी दोनों की आंखे है, तुम्हे इस खटखट की जरूरत नहीं। *बेटे परम्पराओं के पालन में विवेक को महत्तव दो*।

आंटीजी, *इसी तरह हिंदू स्त्रियों में पर्दा प्रथा मुगल आततायियों के कारण आयी थी*, क्योंकि वो सुंदर स्त्रियों को उठा ले जाते थे। इसलिए स्त्रियों को मुंह ढककर रखने की आवश्यकता पड़ती थी। सर पर हमेशा पल्लू होता था यदि घोड़े के पदचाप की आवाज़ आये तो मुंह पर पल्ला तुरन्त खींच सकें।”

अब हम स्वतन्त्र देश के स्वतन्त्र नागरिक है, राजा का शासन और सामंतवाद खत्म हो गया है। अब स्त्रियों को सर पर अनावश्यक पल्ला और पर्दा प्रथा पालन की आवश्यकता नहीं है।

घर के बड़ो का सम्मान आंखों में होना चाहिए, बोलने में अदब होना चाहिए और व्यवहार में विनम्रता छोटो के अंदर होनी चाहिए।

सर पर पल्ला रखे और वृद्धावस्था में सास-ससुर को कष्ट दे तो क्या ऐसी बहु ठीक रहेगी?

आंटीजी पहले हम सब लकड़ियों से चूल्हे में खाना बनाते थे, लेकिन अब गैस में बनाते है। पहले बैलगाड़ी थी और अब लेटेस्ट डीज़ल/पेट्रोल गाड़िया है। टीवी/मोबाइल/लैपटॉप/AC इत्यादि नई टेक्नोलॉजी उपयोग जब बिना झिझक के कर रहे हैं, तो फिर बहुओं को पुराने जमाने के हिसाब से क्यों रखना चाहती है? नए परिधान यदि सभ्य है, सलवार कुर्ती, जीन्स कुर्ती तो उसमें किसी को समस्या नहीं होनी चाहिए। जब बेटियाँ उन्ही वस्त्रों में स्वीकार्य है तो फिर बहु के लिए समस्या क्यों?

आंटी जी, “परिवर्तन संसार का नियम है”। यदि आप अच्छे संस्कार घर में बनाये रखना चाहते हो तो उस सँस्कार के पीछे का लॉजिक प्यार से बहु- बेटी को समझाओ। उन्हें थोड़ी प्राइवेसी दो और खुले दिल से उनका पॉइंट ऑफ व्यू भी समझो।

बहु भी किसी की बेटी है, आपकी बेटी भी किसी की बहू है। अतः घर में सुख-शांति और आनन्दमय वातावरण के लिए *जिस तरह आपने मोबाइल जैसी टेक्नोलॉजी को स्वीकार किया है वैसे ही बहु के नए परिधान को स्वीकार लीजिये। बहु को एक मां की नज़र से बेटी रूप में देखिए, और उससे मित्रवत रहिये।*

*”सबसे बड़ा रोग- क्या कहेंगे लोग”*, इससे बचिए, क्योंकि जब आपको सेवा की जरूरत होगी तो लोग कभी उपलब्ध न होंगे। आपको *’बेटे-बहु’* ही चाहिए होंगे।

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एक शराबी छत पे से नीचे गिर
गया.
सब लोग आए और पूछने लगे के
क्या हुआ??
शराबी – ” पता नही भाई….. मे
भी जस्ट अभी नीचे आया हूं ”

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सब लोग पेट्रोल के दाम बढ़ने पर गुस्सा हो रहे हैं

लेकिन किसी को भी इसके पीछे का कारण पता नहीं है

सन 2008 की बात है,
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सऊदी अरब का एक नेता जिसका नाम-
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अल बखुरी बगदाद खलीफा गिलाफ़ी उल उस्तरफ़ा खैर खिस्तिनी चुल बकस्तुती खरमदननूननफी वल्द तुघर्मण्टाणुनशफ़ा वाकारेगुल था..
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पूरा नाम क्यों नहीं पढ़ा?
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तुम लोगों को कुछ बताना ही बेकार है जाओ अब नहीं बताता….

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मोदी को हटाना है

तो राहुल गांधी सेना से जुड़ें

मिसकॉल दें
राहुल गांधी के नंबर पे

चौतानबे चौतालिस पिछत्तीस छत्तासी पिछत्तीस

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आसां तो ना था ज़िंदगी का सफर,
मगर फिर भी यूँ ही चलते रहे,
बहुत मुश्किलों से भरी थी हर डगर,
मगर फिर भी कदम धरते रहे

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Santa- yaar banta hamare beach kya relation hai?
Banta- yaar wahi jo Besan or Pakode ka hai.
Santa- kaise?
Banta- kyunki jab Besan SANTA hai tabhi to pakoda BANTA hai

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ससुर: – दामाद जी, शादी में आपके दोस्त पागलों की
तरह क्यों नाच रहे थे…??
~`
~`
दामाद: – क्योंकि मैंने उन्हें कहा था कि दहेज में मिले पैसों से
सबका उधार चुकता कर दूंगा…

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संता बंता दोनों लाला जी की दुकान पे गए,
संता – भाई मेरा इस लाला की बीवी के साथ
चक्कर है, मैं 1 घंटे में वापस आऊंगा,
तू लाला जी पे नजर रखना,
बंता – ठीक है,
जैसे ही लाला दुकान बंद करके जाने लगा,
बंता उससे सामान खरीदने लगा और इधर उधर
की बात करने लगा,
फिर बंता को लगा लालाजी अच्छा आदमी है वो
उसके साथ गलत कर रहा है,
बंता – लालाजी मुझे माफ़ कर दो,
संता का आपकी बीवी से चक्कर है,
लाला जी – अबे साले मेरी बीवी को मरे हुए
5 साल हो गए,
जल्दी भाग के अपने घर जा अभी तेरे पास 10 मिनट बचे हैं

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‘1 murgi ko kaway c pyar ho gya,
Jab murgay ko pta chala tu wo murgi k paas gya .
Or bola mugh me kia kami hai?
smart hn kaway c ziyada khobsurat hn.
tmhari beradari ka hn?
Murghon ka union leader hn?
Murgi: Mn tmhare jazbat ki qadar krti hn,
Lekin Amma Abba ki Khuwashish hai k Larka Air force me ho

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जिन घरो मे*
*टिंडे, तोरई, घीया, अरबी की सब्जीयां हर 3-4 दिन के बाद*
*बना कर पतियों को खिलाई जाती है*
*उन्ही घरो की महिलाओ की चोटिया काटी जा रही है-*
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार !!

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आज़ के दिन,
*ये वादा रहा…*
ना छोडेंगे हाथ
ना तोडेंगे साथ
सदा रहेंगे…
*हम साथ साथ*

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खुद को बुरा कहने की हिम्मत नहीं
इसलिए लोग कहते हैं”जमाना खराब है”..

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