डाकू बैंक लूटने आए, पर बंदूक घर पे ही भूल आए….
डाकू- खबरदार मैनेजर हम बैंक लूटने आए हैं, पर बंदूक घर पर ही भूल आए हैं ।
बैंक मैनेजर चटनी सिंह- कोई नई, यारा पैसे ले जा बंदूक कल दिखा देना ।
चुन्नू : वो जो टेबल पे आदमी बैठा है उससे मेरी दुश्मनी है.
.
दोस्त : टेबल पे तो 4 आदमी बैठे हैं.
.
चुन्नू : वो जिसकी मूंछें हैं.
.
दोस्त : मूंछें तो सबकी हैं.
.
चुन्नू :वो, जिसके सफ़ेद कपडे हैं.
.
दोस्त : वो तो सबके सफ़ेद हैं.
.
चुन्नू ने गुस्से में पिस्तौल निकाला और 3 आदमियों को गोली मार दी
और जो बच गया, उसकी तरफ इशारा करके बोला :
जिन लोगों ने नीरव मोदी की शॉप से ज्वैलरी ली होगी
वो भी किसी दूसरे ज्वैलर से चैक करवा रहे होंगे
कि जो बंदा बैंक को ‘ मामू ‘ बना सकता है वो हमें क्युं नहीं
ट्रैफिक इंस्पेक्टर संता पंजाब हाईवे पर अकेले अपनी मोटरसाइकल पर बैठा था…!
तभी हरियाणा से आती हुयी एक कार ने बॉर्डर क्रॉस किया…!!
संता ने रुकने का इशारा किया…
और जब कार रुकी तो टहलता हुआ ड्राइवर की खिड़की पर दस्तक दिया…!
एक नवयुवक जो गाड़ी चला रहा था…
उसने शीशा नीचा कर सर बाहर निकाल कर पूछा:
“क्या बात है इंस्पेक्टर…?”
संता ने एक झापड़ उसके गाल पर रसीद किया…
युवक: “अरे, मारा क्यों…?”
संता: “जब पंजाब पुलिस का ट्रैफिक इंस्पेक्टर संता किसी गाड़ी को रुकने कहता है…
तो ड्राइवर को गाड़ी के कागजात अपने हाथ में रखा हुआ होना चाहिए…!”
युवक: “सारी इंस्पेक्टर…….
मैं पहली बार पंजाब आया हूँ….!”
फिर उसने ग्लव कंपार्टमेंट से पेपर्स निकाल कर दिखाये..!
संता ने पेपर्स का मुआयना किया फिर बोला:
“ठीक है….रख लो….!”
फिर घूमकर पैसेन्जर सीट की ओर गया और शीशा ठकठकाया…!!
पैसेन्जर सीट पर बैठा दूसरा युवक शीशा गिराकर सर बाहर निकाल कर पूछा :-
“हाँ बोलिए….?”
तड़ाक…!
एक झापड़ संता ने उसे भी मारा..!
“अरे ….! मैंने क्या किया …?”
संता: “ये तुम्हारी हेकड़ी उतारने के लिए…!”
युवक:- “पर मैंने तो कोई हेकड़ी नहीं दिखाई…?”
संता :- “अभी नहीं दिखाई, पर मैं जानता हूँ….
एक किलोमीटर आगे जाने के बाद तुम अपने दोस्त से कहते
“वो दो कौड़ी का इंस्पेक्टर मुझे मारा होता…. तो बताता….