यमराज : चित्रगुप्त एक ऐसी मशीन बनाओ की कोई झूठ बोले तो पता चले..!
चित्रगुप्त : ठीक है प्रभू…!!
चित्रगुप्त ने एक घंटा 🔔 बनवाया जो झूठ बोलने पर बजता था..
दुसरे दिन थोडी थोडी देर मे घंटा 🔔 बजने लगा…
एक दिन घंटा 🔔 अचानक ज़ोर ज़ोर से ….
टन..💨
टन टन ..💨
टन टन टन ..💨
बजने लगा….
यमराज : चित्रगुप्त, ये क्या हो रहा है..?
ये घंटा एक साथ इतनी ज़ोर ज़ोर से क्यॅूं बज रहा है..??
चित्रगुप्त : प्रभू..!!! # कोई महान नेता भाषण दे रहे है…!
मास्टर साहब ATM से कुछ रूपये निकालने के लिए गए तो पता चला कि मशीन ही खराब है।
चेकबुक जेब में थी तो बैंक के अंदर गए। कैशियर को एक हज़ार रुपये का चेक काट कर कैश करने को दिया।
कैशियर ने कहा: जनाब! हमारे पास नया नियम आया है कि अगर चेक पांच हज़ार रूपये से कम का होगा तो हम आपके खाते में से चार्ज के नाम पर दस रूपये काटेंगे।
मास्टर साहब ने कैशियर से चेक वापस ले लिया और छः हज़ार रूपये का नया चेक कैश करने को दिया। कैशियर ने जरूरी कार्रवाई करने के बाद जैसे ही छः हज़ार रूपये का कैश मास्टर साहब को देना चाहा, मास्टर साहब ने उसमें से एक हज़ार रूपये उठाकर एक स्लीप के साथ शेष रूपये कैशियर को देते हुए कहा कि वह ये पांच हज़ार रूपये उनके खाते में जमा कर दे।
कैशियर ने खाने वाली नज़रों से मास्टर साहब को घूरा तो मास्टर साहब ने मुस्कुराते हुए कहा: बेटे जिसने ये नया नियम बनाया है न उसे भी किसी मास्टर ने ही पढ़ाया है, मास्टर सदैव मास्टर ही होता है ।
Naaraz Hokar Zindagi Se Nata Nahi Todte,
Mushqil Ho Raah Phir Bhi Manzil Nahi Chodte,
Tanha Na Samjhana Khud ko Kabhi bhi,
Hum wo Hai Jo Kabhi kisi ka Sath Nahi Chodte.