~Mohabbat Ki Na Bat Karo Ye Purani Batain Hain,
Hum Se Aj Ki Bat Karo Ab Tum Kis K Ho .. ^
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~Mohabbat Ki Na Bat Karo Ye Purani Batain Hain,
Hum Se Aj Ki Bat Karo Ab Tum Kis K Ho .. ^
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याद करने की हमने हद कर दी लेकिन ,
भूल जाने में तुम भी कमाल करते हो ||
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हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद ,
ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!
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मरीज-डॉक्टर, मैं खाना न खाऊं तो मुझे भूख लग जाती है,
ज्यादा काम करता हूं तो थक जाता हूं,
देर तक जगा रहूं तो नींद आ जाती है, मैं क्या करूं?
डॉक्टर-रात भर धूप में बैठे रहो, सही हो जाओगे।
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पंजाबियों द्वारा डॉक्टर से चेक अप के बाद सर्वाधिक
पूछा जाने वाला प्रश्न :-
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“डॉक्टर साहब, ड्रिंक तो कर सकते हैं ना ???”
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डॉक्टर साहब का दिल पिघल गया और उन्होंने
2 पैग की इजाज़त दे दी.
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अगले दिन 2 पैग के बाद तीसरा पैग डालने
लगा तो साथी बोल पड़ा:- “ये क्या??? तीसरा कैसे???”
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पंजाबी :- *”दो पैग की पर्ची मैंने दूसरे डॉक्टर से भी ली है…!!!”*
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वो कागज आज भी फुलो से ज्यादा महकता है दोस्तों
जिस पर उन्होंने मजाक में लिखा था कि हमें तुमसे मोहब्बत है
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जनाब पोलिंग बूथ से बाहर आये तो एक ने पूछा..
“डाल आये”… ?
वो बोले…
“ऐसी हमारी किस्मत कहाँ….
डालते तो हमारे बाप-दादा थे….
हम तो सिर्फ दबाकर आए है”…..
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बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। एक शिष्य ने पूछा- “कर्म क्या है?”
बुद्ध ने कहा- “मैं तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ।”
एक राजा हाथी पर बैठकर अपने राज्य का भ्रमण कर रहा था।अचानक वह एक दुकान के सामने रुका और अपने मंत्री से कहा- “मुझे नहीं पता क्यों, पर मैं इस दुकान के स्वामी को फाँसी देना चाहता हूँ।”
यह सुनकर मंत्री को बहुत दु:ख हुआ। लेकिन जब तक वह राजा से कोई कारण पूछता, तब तक राजा आगे बढ़ गया।
अगले दिन, मंत्री उस दुकानदार से मिलने के लिए एक साधारण नागरिक के वेष में उसकी दुकान पर पहुँचा। उसने दुकानदार से ऐसे ही पूछ लिया कि उसका व्यापार कैसा चल रहा है? दुकानदार चंदन की लकड़ी बेचता था। उसने बहुत दुखी होकर बताया कि मुश्किल से ही उसे कोई ग्राहक मिलता है। लोग उसकी दुकान पर आते हैं, चंदन को सूँघते हैं और चले जाते हैं। वे चंदन कि गुणवत्ता की प्रशंसा भी करते हैं, पर ख़रीदते कुछ नहीं। अब उसकी आशा केवल इस बात पर टिकी है कि राजा जल्दी ही मर जाएगा। उसकी अन्त्येष्टि के लिए बड़ी मात्रा में चंदन की लकड़ी खरीदी जाएगी। वह आसपास अकेला चंदन की लकड़ी का दुकानदार था, इसलिए उसे पक्का विश्वास था कि राजा के मरने पर उसके दिन बदलेंगे।
अब मंत्री की समझ में आ गया कि राजा उसकी दुकान के सामने क्यों रुका था और क्यों दुकानदार को मार डालने की इच्छा व्यक्त की थी। शायद दुकानदार के नकारात्मक विचारों की तरंगों ने राजा पर वैसा प्रभाव डाला था, जिसने उसके बदले में दुकानदार के प्रति अपने अन्दर उसी तरह के नकारात्मक विचारों का अनुभव किया था।
बुद्धिमान मंत्री ने इस विषय पर कुछ क्षण तक विचार किया। फिर उसने अपनी पहचान और पिछले दिन की घटना बताये बिना कुछ चन्दन की लकड़ी ख़रीदने की इच्छा व्यक्त की। दुकानदार बहुत खुश हुआ। उसने चंदन को अच्छी तरह कागज में लपेटकर मंत्री को दे दिया।
जब मंत्री महल में लौटा तो वह सीधा दरबार में गया जहाँ राजा बैठा हुआ था और सूचना दी कि चंदन की लकड़ी के दुकानदार ने उसे एक भेंट भेजी है। राजा को आश्चर्य हुआ। जब उसने बंडल को खोला तो उसमें सुनहरे रंग के श्रेष्ठ चंदन की लकड़ी और उसकी सुगंध को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। प्रसन्न होकर उसने चंदन के व्यापारी के लिए कुछ सोने के सिक्के भिजवा दिये। राजा को यह सोचकर अपने हृदय में बहुत खेद हुआ कि उसे दुकानदार को मारने का अवांछित विचार आया था।
जब दुकानदार को राजा से सोने के सिक्के प्राप्त हुए, तो वह भी आश्चर्यचकित हो गया। वह राजा के गुण गाने लगा जिसने सोने के सिक्के भेजकर उसे ग़रीबी के अभिशाप से बचा लिया था। कुछ समय बाद उसे अपने उन कलुषित विचारों की याद आयी जो वह राजा के प्रति सोचा करता था। उसे अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए ऐसे नकारात्मक विचार करने पर बहुत पश्चात्ताप हुआ।
यदि हम दूसरे व्यक्तियों के प्रति अच्छे और दयालु विचार रखेंगे, तो वे सकारात्मक विचार हमारे पास अनुकूल रूप में ही लौटेंगे। लेकिन यदि हम बुरे विचारों को पालेंगे, तो वे विचार हमारे पास उसी रूप में लौटेंगे।
यह कहानी सुनाकर बुद्ध ने पूछा- “कर्म क्या है?” अनेक शिष्यों ने उत्तर दिया- “हमारे शब्द, हमारे कार्य, हमारी भावनायें, हमारी गतिविधियाँ…”
बुद्ध ने सिर हिलाया और कहा- *”तुम्हारे विचार ही तुम्हारे कर्म हैं।”*
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पत्नी – पूजा किया करो,
बड़ी बलाएँ टल जाती हैं…
पति – तेरे बाप ने बहुत की होगी
उसकी टल गयी…
और तू मेरे पल्ले पड़ गयी…
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माँ:- बेटा Grand Mother के बर्थडे पर
क्या गिफ्ट दोगे
बेटा:- मैं दादी माँ को फुटबॉल दूंगा,,,
माँ:- अरे, बेटा दादी इस उम्र में फुटबॉल का
क्या करेंगी;
बेटा:- उन्होंने भी तो मेरे को
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बर्थडे पर भगवत गीता दी थी…
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युद्ध में जाने से पहले राजा ने अपनी सुन्दर पत्नी के कमरे पे ताला लगाकर चाबी अपने प्रिय दोस्त को दे दी
और बोला की अगर मैं 4 दिन में नहीं लौटा तो तुम ताला खोल लेना और फिर वो तुम्हारी
राजा घोड़े पर बैठकर जाने लगा करीब आधे घंटे बाद उसने देखा की उसके पीछे धूल का गुबार और आवाज़ आ रही थी
राजा रुक गया और देखा की उसका दोस्त तेजी से घुड़सवारी करते हुए उसकी तरफ आ रहा है
क्या हुआ राजा ने पूछा
सांस भरते हुए दोस्त बोला ये चाबी गलत है
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जिन लड़कियों को शहर में “जीरो फिगर” बता के
भाव दिए
जाते हैं,
!
गांव में लोग उसे कुपोषण का शिकार घोषित कर
चिड़ाते ह.
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बेहोश होते होते बचा भाई मै
जब एक लड़की की स्कूटी के पीछे की लाइन पर मेरी नज़र पड़ी
जिस पर लिखा हुआ था
“पूर्व सरपंच के बेटे की सेटिंग”
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कमीनापन आज कल इतना हो गया है
की
लोग मंदिर में चप्पल भी ऐसी जगह उतारते हैं
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जहाँ से भगवान भी दिखे और चप्पल भी।
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A nd B girls are traveling in a train:
A: Tujhe kaisa pati chahiye?
B: Mujhe Crorepati chaiiye.
A: Crorepati na miley to?
B: 50 lakh ke 2 pati chaleñge.
A: 50 lakh ke na miley to?
B: 25 lakh ke 4 pati bhi chaleñge.
UPPER SOYA PASSENGER:
JAB YE 1000 RUPAYE PE AAYE TO MUJHE UTHA DENA..!=D =D
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अधिकारी- ऐसी कौन सी औरत है, जिसे 100% पता हो की उसका पति कहाँ है??
संता सिर खुजलाते हुए- विधवा औरत|
अधिकारी बेहोश
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