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जिंदगी में एक बात याद रखना,
बड़ा पैसे से नहीं बनता है,,
,
,
,बल्कि,, उड़द की दाल से बनता है,,,

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जिनदगी में दो चीजों की पहचान करना जरूरी है
पहली है प्यार
क्योंकि आपको नहीं पता कि कौन आपको चाहता है और कितनी गहराई से
दूसरी है दोस्ती
क्योंकि आपको नहीं पता कि कोई आपका कितना ख्याल करता है

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जल जाते हे लोग मेरा अन्दाज देखकर……#
कमीने की Girlfriend भी नही हे, फिर भी रात को 2-2 बजे तक online कैसे रहता हे

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पत्नी जब कहतीं है कि *”क्या कहा ?”*

तो उसका मतलब ये नहीं कि *उसनें सुना नहीं..*

बल्कि वह आपको *अपना वाक्य* बदलनें के लियें *एक मौक़ा देंना चाहतीं है !!*

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काश कभी ऐसा भी
हुआ होता,
मेरी *कमी* ने तुझे *उदास*
किया होता …

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पत्नी पति से : बाजार जाओ और दूध का एक पैकेट लाना
और हां , अगर अंडे दिखाई दे तो छः ले लेना
🙆🏻 👳
थोडी देर बाद पति दूध के *छः पैकेट*लेकर घर लौटा
🚶🏾‍♀
पत्नी : अरे मूर्ख, जाहिल आदमी, दूध के *छः पैकेट* क्यों लाए ?
😡
पति : मुझे एक दुकान में अंडे दिख गए थे, इसीलिए छः पैकेट दूध ले आया
तुम्ही ने तो कहा था कि *अगर अंडे दिखाई दे तो छः ले लेना*
❓ ❓ ❓ ❓ ❓
(यहां आप फिर से पढ़ेंगे और वहां बेचारा पति अपनी सारी उपाधियां पत्नी से सुनने के बाद , पांच पैकेट दूध वापस देने गया हुआ है)

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Girl : Bhaiya ye atm chal raha h ?
ATM Guard : ji behen
Girl : Accha ispe bitha ke mujhe andheri west tak chhod dena.
😂😂😂😂😂

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एक लडकी का स्टेटस था
‘Available ‘
मैंने पूछ लिया “कितनें में….?”
बुरा मान गई . . . . . Blocked

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Disco:- Bar mein kyu hai Dhamaal…??
.
.
.
Disco:- Bar mein kyu hai Dhamaal…..?
.
.
A.C.P bola: Daya , surakshit kaale mere baal , Vasmol ne kiya kamaal..

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एक दामाद अपने ससुराल लखनऊ गया..

*सास ने पूछा:-* ” ‘बैंगन’ शरीफ़ पका लूँ ?? या ‘भिंडी’ मुबारक ?? या ‘पालक’ पाक खाना पसंद करेंगे ?? ”

*दामाद बोला:-* “मैं बेरोज़गार-बेआबरू बंदा हूँ, इन मुकद्दस और अज़ीम सब्ज़ियों के नाम भी लेने के क़ाबिल कहाँ … आप ऎसा करें …. कोई बेग़ैरत, आवारा सा मुर्ग़ा पका लें !!

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आप जिस पर आँख बंद करके भरोसा करते हैं,
अक्सर वही आप की आँखें खोल जाता है.

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* गुटखा खाने वाले ध्यान दें *
पति बहुत उदास सा घर लौटा तो पत्नी ने पूछ लिया।
“क्या बात है? यह मुंह क्यों लटका हुआ है?”
पति: “आज हमारे कारखाने में शॉर्ट सर्किट हो गया जिसकी वजह से सारे मजदूर मर गए।”
पत्नी: “अल्लाह … खैर …करें लेकिन आप कैसे बच गए?”
पति: ” मैं थोड़ी देर के लिए बाहर गुटखा खाने गया था। ”
पत्नी: “चलो तुम्हारी जान बच गई।”
पति: “मालिक ने मरने वाले मजदूरों के घर वालों को 10 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है।”
पत्नी (जलकर) आग लगे तुम्हारे गुटके को हज़ार बार कहा है कि गुटखे न खाया करो … लेकिन नहीं माने …. गए न हाथ से 10 लाख ..

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मुर्गी अंडे दे रही थी और मालिक बेंच रहा था।
मुर्गी देशहित में अंडे दे रही थी।
उसके मालिक ने कहा था-
’’ आज राष्ट्र को तुम्हारे अंडों की जरूरत है।
यदि तुम चाहती हो कि तुम्हारा घर सोने का बन जाये तो जम के अंडे दिया करो। आज तक तुमसे अंडे तो लिये गये लेकिन तुम्हारा घर किसी ने सोने का नही बनवाया। हम करेंगे। तुम्हारा विकास करके छोड़ेंगे।’’

मुर्गी खुशी से नाचने लगी।
उसने सोचा देश को मेरी भी जरूरत पड़ती है।
वाह मैं एक क्या कल से दो अंडे दूंगी।
देश है तो मैं हूं।
वह दो अंडे देने लगी।

मालिक खुश था।
अंडे बेचकर खूब पैसे कमा रहा था।
मालिक निहायत लालची सेठ था।
उसने मुर्गी की खुराक कम कर दी।
मुर्गी चौंकी। -’’ आज मुझे पर्याप्त खुराक नहीं दी गई। कोई समस्या है क्या ?’’
-’’ देश आज संकट में है। किसी भी मुर्गी को पूरा अन्न खाने का हक नहीं। जब तक एक भी मुर्गी भूखी है मैं खुद पूरा आहार नहीं लूंगी। हम देश के लिए संकट सहेंगे।’’
मुर्गी आधा पेट खाकर अंडे देने लगी। मालिक अंडे बेचकर अपना घर भर रहा था।
बरसात में मुर्गी का घर नहीं बन पाया।
मुर्गी बोली- आप मेरे सारे अंडे ले रहे हैं। मुझे आधा पेट खाने को दे रहे है। कहा था कि घर सोने का बनेगा। नहीं बना। मेरे घर की मरम्मत तो करवा दो।
मालिक भावुक हो गया।
बोला “तुमने कभी सोचा है इस देश में कितनी मुर्गियां हैं जिनके सर पर छत नहीं हैं। रात-रात भर रोती रहती हैं। तुम्हें अपनी पड़ी है। तुम्हें देश के बारे में सोचना चाहिए। अपने लिए सोचना तो स्वार्थ है।’’

मुर्गी चुप हो गई। देशहित में मौन रहने में ही उसने भलाई समझी।

अब वह अंडे नहीं दे पा रही थी।
कमजोर हो गई थी।
न खाने का ठिकाना न रहने का।
वह बोलना चाहती थी लेकिन भयभीत थी।
वह पूछना चाहती थी-
“इतने पैसे जो जमा कर रहे हो- वह क्यों और किसके लिए?
देशहित में कितना लगाया है?”

लेकिन पूछ नहीं पाई।

एक दिन मालिक आया और बोला- ’’ मेरी प्यारी मुर्गी तुझे देशहित में मरना पड़ेगा। देश तुमसे बलिदान मांग रहा है। तुम्हारी मौत हजारों मुर्गियों को जीवन देगा।’’
मुर्गी बोली “लेकिन मालिक मैने तो देश के लिय बहुत कुछ किया है,”
मालिक ने कहा अब तुम्हे शहीद होने पड़ेगा।
बेचारी मुर्गी को अब सब कुछ समझ आ गया था
लेकिन अब वक्त जा चुका था और मुर्गी कमज़ोर हो चुकी थी, मालिक ने मुर्गी को बेच दिया।

मुर्गी किसी बड़े भूखे सेठ के पेट का भोजन बन चुकी थी।

मुर्गी देशहित में शहीद हो गई.

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UP में बड़ा confusion है इन दिनों , मिश्रा जी ने 2 महीने पहले ट्रेन की टिकट कराई फैज़ाबाद से इलाहाबाद ।
अब एक हो गया अयोध्या दूसरा हो गया प्रयागराज ।
और मिश्रा जी हो गए Without टिकट

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Someone asked me, How’s life….?
I just smiled and replied, She’s fine

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