“Hum agar aapse mil nahi paatay
aisa nahin kay aap humein yaad nahin aate
Mana ke jahaan ke sab rishtey nibahaye nahin jatey
Par jo bas jatay hai dil mein wo bhulaye nahin jatay.
”
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“Hum agar aapse mil nahi paatay
aisa nahin kay aap humein yaad nahin aate
Mana ke jahaan ke sab rishtey nibahaye nahin jatey
Par jo bas jatay hai dil mein wo bhulaye nahin jatay.
”
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दुश्मनी जम कर करो लेकिन इतनी गुंजाइश रहे,
जब कभी हम दोस्त हो जायें तो शर्मिंदा कोई न हो..
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लड़का अपनी गर्लफ्रेंड के पिता से मिलने गया…..,
लड़की का पिता:- मैं नहीं चाहता कि मेरी बेटी अपनी पूरी जिंदगी एक मुर्ख इंसान के साथ गुज़ारे….,
लड़का:- बस अंकल, इसीलिए तो मैं उसे यहां से ले जाने आया हूँ।
दे जूते….दे चप्पल….।
?????
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~Bas Ek Shaksh Mere Dil Ki Ziidd Haii ..
Na Us Jaiisa Chahiye ..
Na Uske Siwa Chahiye .. ^
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मेरी आँखों में मत ढूंढा करो खुद को
पता है ना.. दिल में रहते हो खुदा की तरह
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आख़िर क्या कारण था कि मुंबई के ताज होटल पर हुए भीषण हमले में ताज होटल का कोई भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी छोड़कर और होटल छोड़कर नहीं भागा ??
26/11 मुंबई अटैक. यानी 26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकी हमला हुआ. तीन हथियारबंद आंतकियों ने मुंबई के ताज होटल समेत कई जगहों पर हमला किया. अब भी होटल ताज की वो दहशत में डूबी तस्वीरें ताजा हैं. मगर 26/11 के दौरान होटल ताज में जो लोग फंसे रहे, वो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक विषय बन गए. इस स्टडी में कई चौंकाने वाले फैक्ट्स सामने आए हैं.
बुधवार का दिन था. 500 के करीब गेस्ट रुके हुए थे और करीब इतने ही बैंक्वेट हॉल्स में अलग-अलग फक्शन अटैंड कर रहे थे. रात को 9 से 9.30 बजे के बीच अचानक गोलीबारी की आवाज़ें आईं. किसी को पता नहीं चल रहा था कि आखिर ये कैसी आवाज़ है. करीब 600 कर्मचारी भी थे उस वक्त होटल ताज में.
24 साल की बैंक्वेट मैनेजर मल्लिका जगद उस समय गेस्ट को संभाल रहीं थीं.
रिसर्च में सामने आया कि कर्मचारियों में ज्यादातर 25 से 30 साल के थे. उनको पता था कि कौन सा दरवाज़ा कहां है और कहां से खुलता और बंद होता है. साथ ही कैसे बाहर निकला जा सकता है. इंसानी फितरत होती है कि मुश्किल के समय अपनी जान बचाकर भागा जाए. वो कहते भी तो हैं -जान बची तो लाखों पाए. मगर हैरानी की बात ये है कि उस हमले के दौरान होटल ताज का एक भी कर्मचारी भागा नहीं. अंदर फंसे होटल स्टाफ ने मेहमानों को अपनी जान पर खेलते हुए बचाया.
इनमें टेलीफोन ऑपरेटर्स भी शामिल थीं. ये फीमेल स्टाफ ही था जो पहले बाहर निकला और फिर इमरजेंसी की सिचुएशन में वापस अपने वर्क स्टेशन पर आ गया. उन्होंने होटल के हर कमरे में गेस्ट को फोन किया और बताया कि वो अपने-अपने रूम की लाइट बंद कैसे करें. ऑपरेटर्स पूरी रात अंदर ही रहे और लगातार गेस्ट की सेफ्टी के लिए उन्हें जानकारियां देते रहे.
होटल के छठे माले पर शेफ ने गेस्ट को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक दूसरे के हाथ से हाथ जोड़कर एक ह्यूमन चेन बना ली. गेस्ट को बीच में रखकर सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की. इतने में दो आतंकवादी सामने आ गए और कई शेफ को मौके पर ही गोली मार दी.
इस पर रिसर्च करते हुए मनोवैज्ञानिक ने तीन नतीजे निकाले-
#1 ताज ग्रुप ने अपने होटल में बड़े शहरों से नहीं बल्कि छोटे कस्बों से लोगों को नौकरी पर रखा था. ये सामने आया कि आज भी छोटी जगहों से आए लोग एक-दूसरे से जुड़ाव महसूस करते हैं.
#2 दूसरा निष्कर्ष ये निकला कि ताज ने किसी भी टॉपर यानी क्लास में सबसे ज्यादा मार्क्स लेने वाले को नौकरी पर नहीं रखा था. एचआर टीम यानी ह्यूमन रिसोर्स ने नौकरी के लिए छांटे गए लोगों के स्कूल टीचर्स से बात की थी और जाना था कि आवेदक अपने पैरेंट्स, टीचर्स और आसपास के लोगों के साथ किस तरह का बर्ताव करता था. यानी एटीट्यूड चेक किया न कि मार्क्स.
#3 तीसरी और आखिरी बात ये निकलकर आई कि ताज ने अपने कर्मचारियों को सिखाया था कि वो ताज ग्रुप के लिए उनके मेहमानों के प्रतिनिधि होंगे, न कि मेहमानों के लिए ताज के प्रतिनिधि. सभी फ्रंट डेस्क कर्मचारियों को गेस्ट की आवाज बनने की ट्रेनिंग दी गई. एक और बात जो इसी से जुड़ी है. ताज में ये कल्चर है कि कोई भी गेस्ट जब किसी कर्मचारी के लिए अच्छा रिमार्क लिखकर जाता है तो मैनेजमेंट उस कर्मचारी को 24 घंटों के भीतर इनाम देता है.
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चाइनीज मोहब्बत थी…साहब*
*टूट कर बिखर गई..😐*
*पर दिल हिंदुस्तानी था..😀*
*एक और पटा ली..*
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लोगो से कह दो हमारी …..,
तकदीर से जलना छोड दे,
हम घर से दवा नही माँ की
…..,दुआ लेकर निकलते है
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कोई ना दे हमे खुश रहने की …..,
दुआ तो भी कोई बात नही,
वैसे भी हम खुशियाँ रखते नही
…..,बाँट दिया करते है
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Me-papa mai aapse jhuth bola mai
tution nahi dosto ke sath peene gaya hu
dad-to ab kyu bata raha hai?
Me-Paise khatam ho gaye hai :p
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हम तो बिछडे थे तुमको अपना अहसास दिलाने के लिए,
मगर तुमने तो मेरे बिना जीना ही सिख लिया।
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Wife: सुनते हो जी..?
मुझे Happiness की spelling बताओ!!
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Husband: लिख… UNMARRIED
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निगाहों से भी चोट लगती है
जब हमें कोई देखकर भी अनदेखा कर देतें हैं !!
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मांगो तो अपने रब से मांगो,
जो दे तो रहमत और न दे तो किस्मत,
लेकिन दुनिया से हरगिज़ मत माँगना,
क्योंकि दे तो एहसान और न दे तो शर्मिंदगी।
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Santa baar baar apne Santan ke khushnasibi ki Duaa Maangta tha …
aisa vo kai saalo se kar rha tha 😀
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One day … ek Farishta aaya uske pass or bola :-
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Bhagwaan ke liye Bhaii … pahle tu shadi to kar :O :p =D
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~Woh Jo Kehta Tha Tum Na Mili Toh Mar Jaunga Meiin,
Woh Aaj Bhii Ziinda Haii,
Yeh Baat Kisii Aur Se Kehne Ke Liiye .. ‘
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टीचर – आज मैं तुमको Noun पढ़ाऊंगी
💁टीचर – पप्पू तू खड़ा हो
👳पप्पू – जी मैडम
💁टीचर – लड़की सबसे हंस के बात करती है
इसमें लड़की क्या है ?
👳पप्पू – जी लड़की बिगड़ी हुई है
सेटिंग करना चाहती है
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