याद करकै तन्नैं ठंडी सांस भरते होंगे कई ,
पर हर सांस मैं याद तन्नै करै है कोई ,
मरणा तै सबनै एक दन है या बात पक्की है ,
पर तेरी याद मैं हर पल मरै है कोई …
मानती हो तो मानजा इसतै उपर शायरी पेलणी मेरे बस की नाहै
Related Posts
चाँद बहुत दूर है , तड़पाता है , जमाना कहता है , मुझे देखो मेरा दिल कितने सितम सहता है Continue Reading..
लुड्डो खेलदे होए जीत्तण खात्तर गोटी दो खाने आगे सरका दिया करदा … पकड़या बी जाए करदा , पर मानया Continue Reading..
मैं दिल की बाताँ का सौदा करण आया सु, थारे दिलां में भी अपणा पौधा लाण आया सु नाम से Continue Reading..