याद करकै तन्नैं ठंडी सांस भरते होंगे कई ,
पर हर सांस मैं याद तन्नै करै है कोई ,
मरणा तै सबनै एक दन है या बात पक्की है ,
पर तेरी याद मैं हर पल मरै है कोई …
मानती हो तो मानजा इसतै उपर शायरी पेलणी मेरे बस की नाहै
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