किसी और को मुझ पर ख़ाक भरोसा होगा,
यहाँ तो मेरी माँ भी मुझे सोफ़े से चार बार उठा कर ये चेक करती हैं कि
कही टीवी का रिमोट मेरे ही नीचे तो नहीं दबा हुआ है।
एक फ्लैट में घंटी बजती है और महिला जो घर में अकेली है दरवाज़ा खोलती है …
भिक्षुक:
“माई, भिक्षा दे।”
महिला:
“ले लो, महाराज ..”
भिक्षुक:
“माई … ज़रा यह द्वार पार करके बाहर तो आना।”
वह द्वार पार करके बाहर आती है।
भिक्षुक (उसे पकड़ते हुए ):
“हा .. हा … हा … मैं भिक्षुक नहीं, रावण हूं !”
महिला:
“हा .. हा .. हा … मैं भी सीता नहीं, कामवाली बाई हूँ।”
रावण :
“हा..हा..हा.. सीता का अपहरण करके आज तक पछता रहा हूं,
तुम्हें ले जाऊंगा तो मंदोदरी खुश हो जायेगी। मुझे भी कामवाली बाई की ही ज़रूरत है …”
महिला :
“हा, हा, हा … सीता को ढूंढने सिर्फ राम आऐ थे …
मुझे ले जाओगे तो सारी बिल्डिंग ढूंढते पहुंच जाएगी।”
हिसार में एक सिग्नल पर एक महिला की कार ग्रीन सिग्नल होने पर दुबारा स्टार्ट नहीं हुई ।
लोग पीछे से होर्न बजाने लगे, सिग्नल ग्रीन से यलो तथा यलो से वापस रैड हो गया लेकिन कार स्टार्ट नहीं हुई ।
लोग चिल्ल पौं मचाने लगे तभी
हरियाणा पुलिस का ट्रैफिक हवलदार रामफल वहाँ आया
और उस महिला ड्राइवर से बडी ही विनम्रता पूर्वक बोला :
“मैडम के बात हुई, कोई सा भी कलर पसंद ना आया के
एक आदमी ने अपनी बीवी को सुनामी की लहरो में खो दिया,
एक दिन समुन्दर किनारे खड़ा था..!
लहर उसके पैरो को छू रही थी..!
अचानक वह बोल पड़ा :-
देखो समुन्दर भाई कितने भी पैर पकड़ो मैं अपनी बीवी को वापिस लेने वाला नहीं हूँ तुम्हारी गलती थी अब तुम ही निपटो ..
बच्चा: अंकल डेटाल साबुन है क्या?
दुकानदार (नाक से ऊँगली निकालते हुए):
हाँ बेटा, है ना!
बच्चा: तो फिर हाथ धोके क्रीमरोल दे दो…
स्वच्छ भारत अभियान को समर्पित