छोटा सा सपना है मेरा, जो रोटी में खाऊ वो तू बनाये..
जिन्हें प्यार नहीं रुलाता उन्हें प्यार की निशानियाँ रुला देती हैं.
क्यों याद करेगा कोई बेवजह मुझे ऐ खुदा , लोग तो बेवजह तुम्हे भी याद नहीं करते !!”
DP mat dekh Pagli Dil dekh Dil, Branded hai.
अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी, आशिक़ हो या हो आतंकवादी
जुबान सुधर जाए तो जीवन सुधरने में वक़्त नहीं लगता।
काजल ज़रूरी है तुम्हारी आँखों को, मेरी आँखों को डूबने की हद्द पता रहती है..
मोहब्बत में दूरियों से फर्क नहीं पड़ता मोहब्बत निभाने वाला सच्चा हो
सुख मेरा, काँच सा था.. ना जाने कितनों को चुभ गया..!!
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