त्यौहारों के बहाने ही सही, रिश्ते तो घर लौट आते है…
एक छोटी पेंसिल एक विशाल याद्दाश्त से कहीं बेहतर है
तेरी तलाश में निकलु भी तो क्या फायदा, तु बदल गया हैं ,खोया नही हैं ।
इतना खुश रहो के साला गम बी कहे गलती से मे यहा कहा आ गया।
~Hum To Agaaz’E-Mohabbat Mein Hi Lutt Gy, Log Toh Kehte The Ke Anjaam Bura Hota Haii .. ‘
-Tu Zaroori Sa Haii Mujhko Ziinda Rehney Ke Liiye ..
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही , कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..।
“काश कुछ लोग बेईमान नही होते , तो आज इतने लोग परेशान नही होते!”
~Jiski Sazza Sirf Tum Ho Aiisa Koii Gunaah Karna Hai Mujhe .. ‘
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