रात तो क्या पूरी जिन्दगी भी जाग कर गुजार दूँगा तेरे खातिर ।।।
लोगो के तो दिन आते है पर . हमारा तो जमाना आएगा
आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं जब कभी हम उनके सामने जाते हैं
मुमकिन नहीं शायद किसी को समझ पाना … बिना समझे किसी से क्या दिल लगाना
शाम से आँख में नमी सी है, आज फिर आपकी कमी सी है,
साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला . किसमत से कह दो अकेला नही हुँ मै
~Phiir Jab Meiin Uske Biina Jeeney Lagii , Usee Merii Kamii Mehsoos Hone Lagi .. ‘
मैं परेशान था उसकी ख़ातिर, औऱ वो दिल पे हाथ थाम के बैठी थी !!
काजल ज़रूरी है तुम्हारी आँखों को, मेरी आँखों को डूबने की हद्द पता रहती है..
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