मुझे महोब्बत है तेरे मन से.. न तेरी खूबसूरती से न लिबास से..
सब मशरूफ थे नया साल मनाने में मैंने मेरी रूठी खुशियों को मना लिया..
हसरतें आज भी खत लिखती हैं मुझे, पर मैं अब पुराने पते पर नहीं रहती ।।
तुम जिंदगी की वो कमी हो , जो जिंदगी भर रहेगी !!!
मै तुम्हारी वो याद हूँ.. जिसे तुम अक्सर भुल जाते हो…..
“काश कुछ लोग बेईमान नही होते , तो आज इतने लोग परेशान नही होते!”
मै और मेरा रब्ब रोज भूल जाते है वह मेरे गुनाहो को मै उसकी रहमतो को
एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही.
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है ,, वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
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