फ़िक्र तो तेरी आज भी है.. बस .. जिक्र का हक नही रहा।
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो.!!
मोहब्बत सिर्फ मोहब्बत चाहती है, किसीकी महेरबानी नहीं !!
तुम जिंदगी की वो कमी हो , जो जिंदगी भर रहेगी !!!
शाख से फूल तोड़कर मैंने सीखा.. अच्छा होना गुनाह है, इस जहाँ में..!!
मिट जाते है औरों को मिटाने वाले . लाश कहा रोती है, रोते है जलाने वाले
चलो मंजूर है तेरी बेरुखी मुझको बस इतना करो कि बेवफा मत होना
~Lafzo’n Ki Banawat Mujhe Nahi Aatii, Tumse Pyar Haii Seedhi Si Baat Haii .. ‘
!! वो अब भी आती है ख्वाबों में मेरे.. ये देखने की मैं उसे भूला तो नहीं…..!!
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