फ़िक्र तो तेरी आज भी है.. बस .. जिक्र का हक नही रहा।
~Jaley Ka Ilaaz Burnol Se .. Jealousy Ka Ilaaz Chitrol Se .. ^
सुख मेरा, काँच सा था.. ना जाने कितनों को चुभ गया..!!
मिट जाते है औरों को मिटाने वाले . लाश कहा रोती है, रोते है जलाने वाले
आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं जब कभी हम उनके सामने जाते हैं
काग़ज़ पे तो अदालत चलती है.. हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।
पुराने आशिक वफा तलाश करते थै, आज के आशिक जगह तलाश करते है..
अब तेरी याद के साथ मेरा हरपल ख़ास है, तू पास नहीं है इसलिए दिल थोडा उदास है
मैं परेशान था उसकी ख़ातिर, औऱ वो दिल पे हाथ थाम के बैठी थी !!
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