है एक शख़्स ऐसा भी, जो किश्तों में मार रहा है मुझे !!
एम्बुलेंस सा हो गया है ये जिस्म, सारा दिन घायल दिल को लिये फिरता है।
तुम जिंदगी की वो कमी हो , जो जिंदगी भर रहेगी !!!
~Jaley Ka Ilaaz Burnol Se .. Jealousy Ka Ilaaz Chitrol Se .. ^
तुमसे ऐसा भी क्या रिश्ता हे? दर्द कोई भी हो.. याद तेरी ही आती हे।
उन्हें शिकायतों से शिकायत रहने लगी है, अब हम शिकायत जो नहीं करते!
~Woh Roz Jorhtah Haii Mujhe, Phiir Se Torhney Ke Liiye .. ‘
मोहब्बत में दूरियों से फर्क नहीं पड़ता मोहब्बत निभाने वाला सच्चा हो
मुकाम वो चाहिए मुझे, की जिस दिन भी हारु , . उस दिन जीतने वाले से ज्यादा मेंरे चर्चे हो
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