दाग़ तो रूह पर भी आ जाता है, जब दिलों में दिमाग़ आ जाता है
उन्हें शिकायतों से शिकायत रहने लगी है, अब हम शिकायत जो नहीं करते!
हमारी तलाश, तेरी लाश पे आके खत्म होगी..
एम्बुलेंस सा हो गया है ये जिस्म, सारा दिन घायल दिल को लिये फिरता है।
जिन्हें प्यार नहीं रुलाता उन्हें प्यार की निशानियाँ रुला देती हैं.
क्यों याद करेगा कोई बेवजह मुझे ऐ खुदा , लोग तो बेवजह तुम्हे भी याद नहीं करते !!”
~Woh Roz Jorhtah Haii Mujhe, Phiir Se Torhney Ke Liiye .. ‘
~Lafzo’n Ki Banawat Mujhe Nahi Aatii, Tumse Pyar Haii Seedhi Si Baat Haii .. ‘
Ek tera noor hi kaafi h.. Sare jhaa ki roshni k liye
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