एक छोटी पेंसिल एक विशाल याद्दाश्त से कहीं बेहतर है
आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं जब कभी हम उनके सामने जाते हैं
इतना खुश रहो के साला गम बी कहे गलती से मे यहा कहा आ गया।
Ek baat Batao Agr Mai Na Rahu To Koi Kmi To nhi Hogi na
एक मशविरा चाहिए, ख़ुदकुशी करूं या इश्क..
काग़ज़ पे तो अदालत चलती है.. हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।
लोग आँसुओं मे पढ़ते थे नाम तेरा.. इसीलिए हमने रोना छोड़ दिया.. :)) –
दाग़ तो रूह पर भी आ जाता है, जब दिलों में दिमाग़ आ जाता है
..है एक कर्ज़ जो हरदम सवार रहता है । …वो मम्मी पापा का प्यार है जो सब पर उधार रहता Continue Reading..
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